अमेरिका में भारत विरोधी सांसद इल्हान उमर से मिले राहुल गांधी तो हो गया बवाल

इल्हान उमर

अमेरिका में 3 दिन के दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी अपने बयानों की वजह से तो पहले ही विरोधियों के निशाने पर थे. अब भारत विरोधी सांसद से मुलाकात कर वह फिर से घिर गए हैं.अमेरिकी सांसद इल्हान उमर से मुलाकात करने के लिए राहुल गांधी को तीखी आलोचना झेलनी पड़ रही है. इल्हान उमर संग राहुल की मुलाकात की कुछ तस्वीरों सामने आई हैं, जिनमें राहुल गांधी कुछ अमेरिकी सांसदों संग खड़े नजर आ रहे हैं. इन सांसदों में इल्हान उमर भी शामिल हैं.

*कौन हैं इल्हान उमर?*

इल्हान उमर एक अमेरिकी सासंद और डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता हैं.
वह एक अफ्रीकी शरणार्थी हैं, जो कि चुनाव जीतकर अमेरिका की संसद में पहुंची हैं.
वह हमेशा ही कश्मीर और खालिस्तान को अलग देश बनाए जाने वाली मांग का समर्थन करती रही हैं.
उनका नाम अमेरिका की संसद में पहुंचने वाली उन दो मुस्लिम महिलाओं में शामिल हैं, जिनका रुख इजरायल विरोधी है.
इल्हान साल 2022 में पीओके के दौरे पर भी गई थीं.
अमेरिका की एक रिपोर्ट के मुताबिक इल्हान के इस दौरे के लिए फंडिंग पाकिस्तान ने की थी.
इल्हान का रुख भारत विरोधी है.
इल्हान ने सीनेट में पीएम मोदी के भाषण का भी बहिष्कार किया था.

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी राहुल गांधी की इल्हान उमर के साथ मुलाकात की तस्वीर शेयर की है. उनका कहना है कि कांग्रेस अब खुलेआम भारत के खिलाफ काम कर रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान से उन्हें आम आते हैं और चीन से राजीव गांधी फाउंडेशन में पैसा आता है. भारत के विरोधी जितने भी देश और विदेशी सांसद हैं, वे सब उनके मित्र हैं. उन्हें भारत से प्यार नहीं है, वो भारत में रहना नहीं चाहते हैं लेकिन देश के लोगों को अंग्रेजों के सिद्धांत ‘फूट डालो और राज करो’ के आधार पर बांटकर देश पर राज करना चाहते हैं.

दुष्यंत गौतम ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करना चाहते हैं. वह योजनाबद्ध तरीके से विदेश में बैठकर भारत की संस्कृति, संस्कारों और भारत की एकता एवं पहचान से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर कुठाराघात करते हुए देश में धार्मिक और जातीय संघर्ष और उन्माद पैदा करने का षड्यंत्र कर रहे हैं.

बीजेपी नेता निशिकांत दुबे का कहना है कि इल्हान उमर कश्मीर और खालिस्तान को अलग देश बनाने का समर्थन करती हैं. राहुल गांधी इसी एजेंडे के लिए अमेरिका में समर्थन जुटा रहे हैं.

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