संत श्रीभागवतानन्द गुरु निग्रहाचार्य
अकेला
दक्षिण मुंबई की मरीन ड्राइव पुलिस ने झारखंड के संत श्रीभागवतानन्द गुरु निग्रहाचार्य को मुस्लिम (सलीम खान) बताकर उनका सर कलम करने वाले को 11 लाख रुपये इनाम देने का फतवा जारी करने वाले हरिद्वार के पाखंडी साधु गंगाधर के खिलाफ FIR दर्ज की है। श्रीभागवतानन्द गुरु निग्रहाचार्य के मुंबई में परम भक्त और पेशे से वकील घनश्याम उपाध्याय की शिकायत पर यह FIR दर्ज हुई है।
मरीन ड्राइव पुलिस ने 2 फरवरी 2025 को भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023) की धारा 55, 196(1), 196(1)(A), 196(1)(B) और 356 (2) के तहत FIR (संख्या-0031/2025) दर्ज की है। FIR की कॉपी ABI (abinewz.com) के पास है। मुंबई के प्रसिद्ध वकील और श्रीभागवतानन्द गुरु निग्रहाचार्य के परम भक्त घनश्याम उपाध्याय ने 27 दिसम्बर 2024 को मुंबई पुलिस की साइबर सेल में स्वयं लिखित में शिकायत कर उत्तराखंड में हरिद्वार के पाखंडी साधु गोवत्स ब्रह्मचारी गंगाधर के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी। साइबर सेल ने अगले दिन 28 दिसम्बर 2024 को शिकायत दक्षिण मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन को फॉरवर्ड कर दी। घनश्याम उपाध्याय का कार्यालय लॉ ज्यूरिस, 506, ऑर्केडिया प्रिमाइसेस, एनसीपीए गेट नंबर-5 के सामने, नरीमन प्वाइंट, मुंबई में है।
FIR के अनुसार 22 दिसम्बर 2024 को घनश्याम उपाध्याय अपने कार्यालय में थे तभी उन्होंने सोशल मीडिया पर पढ़ा कि पाखंडी साधु गंगाधर ने श्रीभागवतानन्द गुरु निग्रहाचार्य को मुस्लिम (सलीम खान) सम्बोधित कर फतवा जारी किया था। कुछ माह पूर्व श्रीभागवतानन्द गुरु निग्रहाचार्य राज दंतोपासना कर रहे थे। इस विशेष उपासना में 12 अग्निकुण्डों के मध्य खड़े होकर वे मंत्रोच्चार कर रहे थे। इसी उपासना का फोटो फेसबुक पर लोड कर गंगाधर ने उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया। गंगाधर ने उन्हें मुस्लिम (सलीम खान) करार दे दिया। साथ ही घोषणा की कि निग्रहाचार्य को एक चप्पल मारने वाले को 10 रुपये, 2 चप्पल मारने वाले को 500 रुपये, 3 चप्पल मारने वाले को 11,000 रुपये और मुंडी काटने वाले को 11,00,000 रुपये इनाम दिया जाएगा। गंगाधर की इस हरकत से घनश्याम उपाध्याय के साथ-साथ निग्रहाचार्य के लाखों भक्तों की भावना आहत हो गई। वे आक्रोशित भी हो गए।
इस बाबत घनश्याम उपाध्याय ने 25 दिसम्बर 2024 को मुंबई पुलिस की साइबर सेल को पत्र लिखकर गंगाधर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 196(1)(a), 196(1)(b), 196(1)(c), 196(2), 299, 302, 351(2), 351(3), 351(4), 352, 353(1)(b), 353(1)(c), 353(2), 353(3), 356(2) आर/डब्ल्यू 61(2) और धारा आईटी एक्ट-2000 की धारा 66(सी), 66(डी) और 66एफ(1)(ii)(बी) और 66एफ(2) के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग कर डाली। ABI (abinewz.com) ने 8 जनवरी 2025 को “हरिद्वार के संत गंगाधर ने झारखंड के संत निग्रहाचार्य को मुस्लिम बता सर कलम करने का जारी किया फतवा, मुंबई के वकील घनश्याम उपाध्याय ने FIR दर्ज करने की की मांग” शीर्षक से खबर भी प्रकाशित की थी।
पुलिस ने फ़िलहाल अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज किया है। जांच के बाद गंगाधर को आरोपी बनाएगी और गिरफ्तार करेगी। घनश्याम उपाध्याय का कहना है कि वे गंगाधर के खिलाफ 500 करोड़ रुपये की मानहानि का मुक़दमा भी दायर करेंगे। उसे कहीं का नहीं छोड़ेंगे।
