शेखर बागड़े
अकेला
अकेला ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (ABI) के पाठकों ने अभी तक पढ़ा कि शेखर बागड़े ने ही मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) के इन्फॉर्मर सुधाकर चतुर्वेदी के घर में RDX प्लांट किया था। यह भी पढ़ा कि शेखर बागड़े के पास जो RDX था, वही 1993 के मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट में प्रयोग किया गया था। अब पढ़िए कि शेखर बागड़े भी पुलिस के 100 करोड़ के क्लब में शामिल है। शेखर बागड़े का इतना रसूख है कि महाराष्ट्र के सबसे दबंग नेता और उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की शिकायत भी उसका कुछ बिगाड़ नहीं पाई।
सन्दर्भ : 100 करोड़ के क्लब का मतलब है कि ऐसे अधिकारी जिन्होंने डिपार्टमेंट में रहते 100 करोड़ रुपये एक्सटॉरशन के जरिये कमाए। 100 करोड़ शब्द तब फेमस हुआ जब तात्कालिक गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुंबई पुलिस (खासकर API सचिन वझे) से महीने में 100 करोड़ रुपये रिश्वत/हफ्ते की डिमांड कर डाली थी। इसके पहले प्रदीप शर्मा ठाणे पुलिस के हफ्ता विरोधी प्रकोष्ठ के सीनियर इंस्पेक्टर बने तो उन्होंने ठाणे के क्रिमिनल्स को मैसेज दिया कि तुम लोग उन्हें 100 करोड़ रुपये कलेक्ट करके दो। तो वे इन्कॉउंटर नहीं करेंगे। हालाँकि प्रदीप शर्मा के लिए 100-200 करोड़ रुपये चखना जैसा है। वह 5,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की प्रॉपर्टी का मालिक है। जाते-जाते प्रदीप शर्मा इंस्पेक्टर राजकुमार कोथमिरे को गुरु मंत्र दे गए। उन्हीं की कुर्सी पर बैठकर राजकुमार कोथमिरे भी 120 करोड़ रुपये कमा डाला। उल्हासनगर, कल्याण और डोम्बिवली में पार्टनशिप में उसकी बिल्डिंगें बन रही हैं। एक दो बीयर बार में पार्टनरशिप भी है। एक्टर/इंस्पेक्टर दया नायक का लगभग-लगभग यही हाल है। मुंबई और ठाणे पुलिस में कांस्टेबल तक करोड़पति हैं। लेकिन यहां उनका ज़िक्र नहीं। ज़िक्र शेखर बागड़े के 100 करोड़ के क्लब की।
कहानी : शेखर बागड़े अभी ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच का सहायक आयुक्त (ACP) है। इसके पहले वह डोम्बिवली (पूर्व) की मानपाड़ा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर था। तब इसने भाजपा नेता नंदू जोशी के खिलाफ रेप का फर्जी FIR दर्ज किया था। भाजपा नेताओं ने तब शेखर बागड़े के खिलाफ धरना, प्रदर्शन, मोर्चा, शिकायतें सब कीं, फिर भी उसका बाल भी बांका नहीं हुआ।
उसी दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शेखर बागड़े के पास लगभग 60 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी है। अजीत पवार ने यह भी बताया कि उनके पास इसके पहले भी शिकायत आई थी तो उन्होंने शेखर बागड़े को बुलाया था और हिदायत दी थी कि ज़्यादा मत कमा। लेकिन शेखर बागड़े ने उनकी हिदायत को भी अनसुना कर दिया। अजीत पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को जो बताया उसके अनुसार शेखर बागड़े की कुछ सम्पत्तियाँ निम्न प्रकार हैं –
1- नासिक में देवलाली कैम्प बस स्थानक के सामने तीन मंजिली व्यावसायिक इमारत। निर्माण लागत लगभग 27 लाख 55 हज़ार रुपये।
2- नासिक के महात्मा नगर में सुमंगल रेसीडेंसी बिल्डिंग में 1600 वर्ग फुट का एक फ्लैट। कीमत लगभग एक करोड़ रुपये।
3- नासिक रोड के ओम शिवम् अपार्टमेंट में पिता रामदास बागड़े के नाम एक फ्लैट। कीमत लगभग 40 लाख रुपये।
4- नासिक के पांडुरली, भगूर में भाई मंगेश बागड़े के नाम करोड़ों की प्रॉपर्टी।
5- ठाणे के पांचपाखाडी की गगनगिरी सोसायटी में 2,000 वर्ग फुट का एक फ्लैट। कीमत लगभग एक करोड़ 21 लाख रुपये।
6- नवी मुंबई के सानपाड़ा की महावीर अमृत सोसायटी में एक फ्लैट। कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये।
7- मेसर्स रिद्धी-सिद्धी कंस्ट्रक्शन कंपनी में पिता रामदास बागड़े की पार्टनरशिप। करोड़ों रुपये का इन्वेस्टमेंट।
8- इगतपुरी में करोड़ों रुपये की खेती की जमीन।
9- नासिक के रविवार पेठ में सी-तिरुमला हाइट्स बिल्डिंग में 2 व्यावसायिक गाले। कीमत करोड़ों रुपये।
10- मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर खालापुर के पास का फ़ूड मॉल। करोड़ों रुपये की संपत्ति।
शेखर बागड़े मूलतः नासिक का ही रहने वाला है। इसलिए ज़्यादातर सम्पत्तियाँ उसने नासिक में ही बनाई हैं। ठाणे NCP के एक दूसरे नेता जितेंद्र आह्वाड ने भी अजीत पवार जैसा आरोप शेखर बागड़े पर लगाया था। उनका भी आरोप बेअसर निकला।
ट्विस्ट : NCP के नेताद्वय अजीत पवार और जितेंद्र आह्वाड शेखर बागड़े पर कार्रवाई की मांग करते रहे हैं जबकि अंदर की बात यह है कि शेखर बागड़े NCP के ही बदनाम नेता नवाब मलिक का आदमी है। शेखर बागड़े का भाई नवाब मलिक का PA है। नवाब मलिक की ब्लैक मनी और शेखर बागड़े की ब्लैक मनी एक दूसरे मिल जुलकर CA बेले के जरिये ठिकाने लगा देते हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर खालापुर के पास का फ़ूड मॉल शेखर बागड़े और नवाब मलिक का है। यह शेखर बागड़े और उसके भाई की पत्नी के नाम है। शेखर बागड़े उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके सांसद पुत्र श्रीकांत शिंदे का भी ख़ास है। इसलिए इस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
झूठ : शेखर बागड़े ने MI इन्फॉर्मर सुधाकर चतुर्वेदी के घर में RDX प्लांट किया। कर्नल प्रसाद पुरोहित सहित मिलिट्री के अन्य अधिकारियों को फंसाया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जब शेखर बागड़े से पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया। शेखर बागड़े ने जवाब दिया कि वह मिलिट्री के लोगों को फंसा ही नहीं सकता। उसकी मिलिट्री डिपार्टमेंट से सिम्पैथी है, क्योंकि उसके पिता रामदास बागड़े खुद एक मिलिट्री ऑफिसर थे। NIA ने जांच की तो पाया कि शेखर बागड़े के पिता मिलिट्री में ऑफिसर थे ही नहीं। वे एक सिविलियन ऑफिसर थे।
नोट : मालेगाँव ब्लास्ट- भगवा आतंकवाद, भाग-6 पर शेखर बागड़े ने ABI को लीगल नोटिस भेजी है। ABI की शेखर बागड़े से रिक्वेस्ट है कि वे कोर्ट में- हिंदी में मानहानि, अंग्रेजी में Defamation और मराठी में अब्रू नुकसान– का दावा करें। कोर्ट में प्रूफ दे दें कि वे बेक़सूर हैं। वे इज़्ज़तदार हैं। फिर ABI भी प्रूफ दे देगा कि वे कितने डॉट. डॉट. डॉट. हैं।
मुंबई से 200 किलोमीटर दूर नासिक जिले के उपनगर मुस्लिम बहुल इलाके मालेगाँव में 29 सितम्बर 2008 को एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में बम ब्लास्ट हो गया था। इस ब्लास्ट में 6 लोग मारे गए थे और लगभग 100 लोग घायल हो गए थे। क्रमशः …

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