जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर कई पाबंदियां लगा दी हैं। भारत ने पाकिस्तान के लिए सभी तरह के वीजा पर रोक लगा दी है। ऐसे में कोई भी पाकिस्तानी भारत में नहीं आ सकेगा। इसका खामियाजा पाकिस्तानी मरीजों को भुगतना पड़ेगा, जो भारत में अपना इलाज कराने के लिए आना चाह रहे थे। इससे पाकिस्तान के अस्पतालों पर अतिरिक्त बोझ आएगा। भारत ने पाकिस्तान में दवा के निर्यात को भी बंद कर दिया है। ऐसे में पाकिस्तान के लोगों का इलाज का खर्च भी बढ़ जाएगा, क्योंकि भारत की पाबंदी के पाकिस्तान में दवाओं की कीमत कई गुना बढ़ सकती है।
वाणिज्य मंत्रालय के अधीन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के महानिदेशक डॉक्टर अजय सहाय की मानें तो व्यापार बंद करने का सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला है। अजय सहाय ने बताया कि भारत से व्यापार बंद होने से पाकिस्तान में कई दवाओं दस गुना तक महंगी हो सकती है। डॉ. अजय सहाय ने कहा कि पाकिस्तान को दवाओं की सप्लाई बंद होने से बहुत बड़ी परेशानी होने वाली है। उन्होंने कहा कि अभी जो दवा पाकिस्तान जाती है, ट्रेड के बंद से होने से उसी दवा की कीमत दस गुना तक बढ़ सकती है। जानकारों का मानना है कि भारत से व्यापार बंद होने के बाद अब पाकिस्तान को दवा के लिए यूरोपीय देशों पर निर्भर होना पड़ेगा, जहां दवाओं की कीमत भारत से कहीं ज्यादा हैं।
पाकिस्तान में सामान्य तौर पर सर्दी, खांसी, बुखार से लेकर डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर की दवाओं का भी आयात भारत से होता था। डॉ. अजय सहाय ने कहा कि साल 2018 के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार संबंध घटने लगा था। पिछले साल में अप्रैल से जनवरी 2025 के बीच में भारत पाकिस्तान का द्विपक्षीय व्यापार 500 मिलियन डॉलर था, जिसमें कि 450 मिलियन डॉलर भारत से जाता था, जबकि 50 मिलियन डॉलर का सामान पाकिस्तान से आता था।
