‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत 7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान के बहावलपुर और अन्य क्षेत्रों में किए गए सटीक हवाई हमलों में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्यों और चार करीबी सहयोगियों के मारे जाने की खबर है। दुख और हताशा में डूबे मसूद अजहर ने कथित तौर पर कहा, “मैं भी मर जाता तो अच्छा था।”
भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया, जिसमें पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर, मुरीदके, सियालकोट और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारतीय सेना ने प्रेसिजन मिसाइलों और लोइटरिंग म्यूनिशन्स का उपयोग कर जैश और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। रक्षा मंत्रालय ने इसे “केंद्रित, संयमित और गैर-उत्तेजक” कार्रवाई करार दिया, जिसमें किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
हमले का एक प्रमुख लक्ष्य बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था, जो करीब 200 एकड़ में फैला हुआ था। इस परिसर में मस्जिद, स्कूल, अस्पताल, फार्म और ट्रेनिंग कैंप शामिल थे, जिन्हें भारतीय वायुसेना ने पूरी तरह नष्ट कर दिया। सूत्रों के अनुसार, इस हमले में करीब 70-100 आतंकवादी मारे गए और 50 से अधिक घायल हुए।
जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर ने स्वयं पुष्टि की कि भारतीय हमले में उनके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए। मारे गए लोगों में उनकी बड़ी बहन, बहनोई, और मौलाना कशफ का पूरा परिवार शामिल है। इसके अलावा, मुफ्ती अब्दुल रऊफ के पोते-पोतियां और बाजी सादिया के पति घायल हुए हैं, जबकि उनकी सबसे बड़ी बेटी के चार बच्चे भी चोटिल हैं। X पर वायरल पोस्ट्स के अनुसार, मसूद अजहर ने कथित तौर पर कहा, “मेरे परिवार के साथ मुझे भी मार देते,” जिससे उसकी निराशा और हार का अंदाजा लगता है।
