शहर में ‘अफवाह’ है कि उल्हासनगर-1 पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर विष्णु ताम्हणे को पुलिस महानिदेशक सम्मान से सम्मानित किया गया है। विष्णु ताम्हणे खुद भी सबको बताते हैं कि उन्हें पुलिस महानिदेशक सम्मान मिला है। इस सम्मान से हर्षित शहर के दलाल, चोर, जेबकतरे, मटके वाले, डांस बार वाले विष्णु ताम्हणे का सम्मान पर सम्मान किये जा रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि विष्णु ताम्हणे ने शहर में 5 स्थानों पर मटके का अड्डा शुरू करवा दिया है। मटके का एक अड्डा तो पुलिस चौकी के ठीक सामने पुनः खुलवा दिया है। इनके इस उत्कृष्ट कार्य से प्रसन्न होकर राज्य पुलिस प्रशासन ने उन्हें पुलिस महानिदेशक सम्मान से सम्मानित किया है।
विष्णु ताम्हणे के ध्यानार्थ…
उल्हासनगर-1 का शहाड क्षेत्र हमेशा से संवेदनशील रहा है। चोरी, जेबतराशी, ड्रग्स की बिक्री से परेशान होकर शिवसेना के युवा नेता हरजिंदर सिंह भुल्लर उर्फ़ विकी भाई के प्रयासों से पुलिस प्रशासन ने शहाड फ्लायओवर के नीचे पुलिस चौकी का निर्माण कर दिया। परन्तु मामला उलटा हो गया। आपराधिक गतिविधियां और बढ़ गयीं। ‘छोटू भाई’ ने पुलिस चौकी के सामने ‘छोटू मटका’ शुरू कर दिया। छोटू का यह धंधा खूब चल निकला। जुआरी पुलिस संरक्षण में जुआ खेलने लगे। फिर पब्लिक की फ़रियाद पर ABI (abinewz.com) ने न्यूज़ प्रकाशित की। तब उल्हासनगर-1 पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर राजेंद्र कदम थे। नंबर-1 के करप्ट थे। ABI की न्यूज़ से उनके अहं को ठेस पहुँच गयी। पहला अड्डा बंद करवाने की बजाय उन्होंने पुलिस चौकी के सामने छोटू का दूसरा अड्डा भी शुरू करवा दिया। साथ में राजेंद्र कदम और छोटू ABI को सेट करने के मिशन पर लग गए। दलाल, चिन्दीचोर पत्रकार, यू-ट्यूबर, समाजसेवकों ने पूरी कोशिश कर ली। ABI को सेट नहीं कर पाए। ABI न्यूज़ पब्लिश करता रहा तो पुलिस प्रशासन ने राजेंद्र कदम का तबादला कर दिया। विष्णु ताम्हणे के कलेक्टर सिपाही वसंत ढोले और इंस्पेक्टर (क्राइम) चंद्रकांत गोडसे को ये बात बतानी चाहिए थी कि छोटू मटके वाले की वजह से राजेंद्र कदम का तबादला हुआ था।
शंकर कुकरेजा को भी NOC
विष्णु ताम्हणे राजेंद्र कदम से भी ज़्यादा ‘कलाकार’ निकले। राजेंद्र कदम ने सिर्फ शहाड ब्रिज के नीचे पुलिस चौकी के सामने छोटू के दो अड्डे शुरू करवाए थे। विष्णु ताम्हणे ने उल्हासनगर-1 पुलिस स्टेशन की हद में चार अन्य स्थानों पर एक दूसरे मटका संचालक शंकर कुकरेजा की ब्रांच खुलवा दी। मतलब उल्हासनगर-1 पुलिस स्टेशन की हद में छोटू और शंकर कुकरेजा के पांच मटके के अड्डे खुल गए। वे ये हैं…
1) शहाड फ्लायओवर के नीचे पुलिस चौकी के सामने।
2) उल्हासनगर-2 मच्छी मार्केट में सार्वजनिक शौचालय के पीछे, हनुमान मंदिर के बगल। यहां तो बाहर बैठकर पर्ची काटते हैं।
3) उल्हासनगर-2 माय च्वाइस बार के बगल।
4) उल्हासनगर-2 आवास चौक, लेबर नाका, खेमानी।
5) उल्हासनगर-2 सुबह की भाजी मार्केट में।
Sr PI, Crime PI, ACP, DCP सबको रिश्वत
शहाड फ्लायओवर के नीचे पुलिस चौकी के सामने अड्डे की बात करें तो सिर्फ यहां से छोटू को डेढ़ से दो लाख रोज़ाना कमाई होती है। इस कमाई से 50,000 से 1,00,000 रुपये विष्णु ताम्हणे को, 1,00,000 से थोड़ा कम इंस्पेक्टर (क्राइम) चंद्रकांत गोडसे को, 1,00,000 रुपये से ज़्यादा ACP को, 1,00,000 रुपये से ज़्यादा DCP को रिश्वत मिलती है। सिपाही वसंत ढोले कलेक्टर है तो अपना हिस्सा वह भी लेता है। उसका हक़ बनता है। प्रति बीट मार्शल को 200 से 500 रुपये रोज़ाना। बीट चौकी इंचार्ज की तो बल्ले बल्ले। उसकी रिश्वत अलग से। चाय-पानी, मटक-चिकन नाश्ता, लंच, डिनर सब अलग से। पुलिस चौकी के सामने वाले अड्डे को ‘प्रोटेक्ट’ करने के लिए छोटू ने 10 से 15 ‘टपोरी’ रखे हैं। प्रति टपोरी को रोज़ाना का 1,000 रुपये प्रोटेक्शन मनी।
पुलिस चौकी नहीं रेस्ट रूम
शहाड फ़्लायओवर के नीचे की पुलिस चौकी पुलिस वालों की मोटी कमाई करवाती ही है मवालियों के लिए रेस्ट रूम का भी काम करती है। छोटू मटके के टपोरी इसी पुलिस चौकी में रेस्ट करते हैं। अड्डे के ‘कर्मचारी’ इसी चौकी में लंच, डिनर और रेस्ट करते हैं। शहाड फाटक का तड़ीपार पीलू इसी चौकी में रेस्ट करता था। अब पकड़ा गया।
शंकर कुकरेजा का मटके का एक अड्डा उल्हासनगर रेलवे स्टेशन के सामने भी है। नेहरू चौक पर किसी वकील का भाई भी मटके का अड्डा चलाता है। सेन्ट्रल पुलिस स्टेशन का सिपाही योगेश शिंदे 8 साल से सिर्फ कलेक्शन का काम कर रहा है। शहर में सभी डांस बार, मटके के अड्डे, ड्रग्स के अड्डे बिंदास चल रहे हैं। उल्हासनगर शहर में केंद्र सरकार की योजना- सबका साथ, सबका विकास- लागू है। ऊपर दी गयी रिश्वत की राशि सिर्फ छोटू मटके की है। शंकर कुकरेजा की नहीं।
… तो इसीलिए विष्णु ताम्हणे को पुलिस प्रशासन ने पुलिस महानिदेशक सम्मान से सम्मानित किया है। इट हैपेन्स ओनली इन उल्हासनगर।
