ISIS के महाराष्ट्र प्रमुख शाकिब नाचन, पड़घा और बोरिवली में ATS की 22 ठिकानों पर छापेमारी

 

महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) की ठाणे इकाई और ठाणे ग्रामीण पुलिस ने सोमवार को पड़घा में 22 ठिकानों पर छापेमारी की। यहां से पुलिस ने 22 लोगों को हिरासत में लिया परन्तु पूछताछ के बाद छोड़ दिया। ATS को मोबाइल हैंडसेट, तलवार, छूरे और संपत्ति से संबंधित संदिग्ध दस्तावेज और आतंकवाद/कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं।

सोमवार की छापेमारी में लगभग 300 पुलिसकर्मी शामिल थे। ठाणे जिले के पुलिस अधीक्षक डीएस स्वामी और ATS के डीसीपी एस. सैल कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे थे।

यह कार्रवाई पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू -कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में 26 हिन्दू पर्यटकों की हत्या के बाद से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों पर नकेल कसने के लिए की जा रही कार्रवाई का हिस्सा है। यू ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, CRPF जवान मोती राम जाट और ठाणे के कलवा के इंजीनियर रवींद्र वर्मा की गिरफ़्तारी के बाद जानकारी मिली थी कि प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) का पदाधिकारी और ISIS का महाराष्ट्र प्रमुख शाकिब अब्दुल हामिद नाचन अपने समर्थकों के साथ राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में पुनः सक्रिय हो गया है। विशेष खुफिया जानकारी मिलने के बाद कोर्ट से वारंट हासिल कर ATS ने शाकिब नाचन के बड़े भाई अकीब नाचन के घर समेत करीब दो दर्जन जगहों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान वह मौजूद था। जल्द ही उसे पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

बताया गया कि जिन संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी की गई, उनमें से करीब आधा दर्जन सऊदी अरब में हज के लिए गए हैं। इनमें बोरिवली गांव का फारक जुबेर मुल्ला (60) भी शामिल है, जो जमीन का दलाल है और SIMI का कथित सदस्य भी है। उसके बड़े भाई हसीब मुल्ला का नाम 2002-03 के मुंबई ट्रेन ब्लास्ट मामले में आया था और बाद में उसे दोषी करार देकर 10 साल की सजा सुनाई गई थी। उसे दिसंबर 2023 में दिल्ली ISIS मॉड्यूल मामले में भी गिरफ्तार किया गया था। इसी तरह अब्दुल लतीफ कासकर के घर की भी तलाशी ली गई क्योंकि वह दिल्ली ISIS मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार फरहान सुसे का करीबी दोस्त है। कैफ नाचन और शाजिल नाचन के घर और परिसरों पर भी छापेमारी हुई। ATS ने कल्याण इलाके में एक संदिग्ध के घर पर भी छापा मारा, लेकिन वह वहां नहीं मिला।

शाकिब नाचन को उसके बेटे शमील नाचन के साथ 2023 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश विरोधी भावनाओं को भड़काने, व्यक्तियों का ब्रेनवॉश करने और उन्हें आतंकवादी समूहों में भर्ती करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। एक दर्जन से ज़्यादा आतंकी मामलों में नामजद शाकिब नाचन 1990 के दशक से ही सुरक्षा एजेंसियों की नज़र में है। उसे दो बार दोषी ठहराया गया था – एक बार 1997 में सुप्रीम कोर्ट ने खालिस्तानी आतंकवादियों के साथ मिलकर 1990 के दशक की शुरुआत में भारत में आतंकी हमलों की योजना बनाने के लिए। 2016 में, उसे मुंबई में 2002-03 के आतंकी धमाकों में नामजद किए जाने के बाद आर्म्स एक्ट के तहत मुंबई की एक अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई थी। उसने दोनों सजाएँ पूरी कीं और 2017 में रिहा हुआ।

हैरानी की बात है कि शाकिब नाचन ने कई लोगों को बयात दी जो उसके आतंकी मॉड्यूल में शामिल हो गए और बोरिवली गांव को अल शाम (सीरिया) एक मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया था।

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