ग्वालियर में बौद्ध धर्म सम्मलेन में दिलाई गयी विवादित शपथ- मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को अपना ईश्वर नहीं मानूंगा

 

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक बौद्ध धर्म सम्मेलन में लोगों को हिंदू देवी-देवताओं को न मानने की शपथ दिलाई गई। इसमें ‘मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को ईश्वर नहीं मानूंगा’ जैसी शपथ दिलाई गई। लोगों का कहना है कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। वहीं, आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी धर्म का अनादर करना नहीं था। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

यह सम्मेलन भितरवार के धाखड़ खिरिया में हुआ। 96 गांव जाटव समाज सुधार समिति ने 6 से 8 जून तक इस तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया था। सम्मेलन में लोगों को शपथ दिलाई गई कि वे हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानेंगे और उनकी पूजा नहीं करेंगे। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में बौद्ध धर्म के उपदेशक भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो ने लोगों को शपथ दिलाई। सागर महाथेरो द बुद्ध भूमि धम्मदूत संघ भोपाल के अध्यक्ष हैं।

शपथ में लोगों से कहा गया कि मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को कभी ईश्वर नहीं मानूंगा, न मैं इनकी पूजा करूंगा। मैं राम और कृष्ण को ईश्वर नहीं मानूंगा और उनकी पूजा कभी नहीं करूंगा। मैं गौरी, गणपति आदि हिंदू धर्म के किसी भी देवी-देवताओं को नहीं मानूंगा और पूजा नहीं करूंगा। शपथ में यह भी कहा गया कि मैं ईश्वर ने अवतार लिया है, इस पर विश्वास नहीं करूंगा। मैं ऐसा कभी नहीं मानूंगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार हैं। ऐसे प्रचार को मैं पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूं। मैं कभी श्राद्ध नहीं करूंगा और ना ही पिंडदान करूंगा। मैं बौद्ध धर्म के विरुद्ध कोई भी कार्य नहीं करूंगा। मैं कोई भी क्रिया कर्म ब्राह्मणों के हाथ से नहीं कराऊंगा।

सोशल मीडिया पर धर्म परिवर्तन को लेकर ट्रेंड कर रहे बौद्ध धर्म सम्मेलन के इस वीडियो के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा ने भी विरोध जताया है। हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. जयवीर भारद्वाज ने विरोध में कहा कि वह आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पूरे मामले की जांच कराने की मांग उठाएंगे और जो भी इसमें दोषी हो, उसकी आरक्षण व्यवस्था को भी बंद कराया जाए। इस मामले पर एसडीओपी जितेंद्र नगाइच ने मीडिया से कहा कि उन्हें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

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