काजल कुमारी और मोनू शिवहरे
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के कैलासर के रहनेवाले मोनू राज शिवहरे ने महिला दलाल के जरिए ढाई लाख रुपये में अपने लिए बीवी खरीदी। अपने घर से 800 किलोमीटर दूर बिहार के सासाराम में एक धमर्शाला में वह शादी कर रहा था। सात फेरे लेने के बाद दुल्हन ट्वायलेट जाने के बहाने वहां से फरार हो गयी।
चीटर दुल्हन काजल कुमारी रोहतास जिले के तिलौथू की रहेवाली थी। सासाराम के तकिया मोहल्ले में किराए के मकान में रह रही महिला दलाल पिंकी देवी के माध्यम से मोनू की शादी काजल से तय हुई थी। इसके लिए पिंकी ने ढाई लाख रुपये चार्ज किया था। पिंकी ने इसके लिए पंडित, बहन, चाचा, चाची और मामी का भी बंदोबस्त किया था। धर्मशाला के ही एक कमरे में शादी की व्यवस्था की थी। सात फेरे लेने के बाद दुल्हन बोली वह ट्वायलेट जा रही है। इसके बाद से वह फरार हो गयी। बताया जाता है कि दुल्हन अपने साथ आभूषण और उपहार भी लेकर भाग गई। धीरे धीरे पंडित, बहन, चाचा और मामी भी रफूचक्कर हो गए। सब फर्जी थे।
अपने को ठगा महसूस कर दूल्हा यानी मोनू शिवहरे रोता-गाता सासाराम के नगर थाना पंहुचा और पुलिस में शिकायत कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक महिला को हिरासत में लिया है। महिला का नाम राजो देवी है, जो करगहर की रहने वाली है। यह दुल्हन की चाची बनी थी। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। सासाराम अनुमंडल पुलिस अधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि मामले की जांच के बाद ही कुछ कहा जाएगा।
