महाराष्ट्र मंदिर महासंघ और सकल हिन्दू समाज संगठन की शिकायत और धमकी पर श्री शनैश्वर देवस्थान ट्रस्ट ने 114 मुस्लिम कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। ये कर्मचारी मंदिर ट्रस्ट के कृषि, कचरा प्रबंधन और शिक्षा विभागों में काम कर रहे थे।
शनि शिंगणापुर गांव महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में स्थित है। यह भगवान शनि के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। पिछले महीने सकल हिन्दू समाज संगठन को मालूम पड़ा कि शनि चौथरा (मंदिर का मुख्य भाग) की रंगाई-पुताई करते का काम मुस्लिम व्यक्ति कर रहे हैं। बाद में और ज़्यादा मालूम पड़ा कि समस्त मुस्लिम कर्मचारी मंदिर के ट्रस्ट के सदस्य हैं। उनकी संख्या 114 है। इस पर सकल हिन्दू समाज ने मुस्लिम कर्मचारियों को काम पर से निकाले जाने को लेकर मंदिर ट्रस्ट को ज्ञापन दिया। धमकी दी कि मुस्लिम कर्मचारियों को 14 जून 2025 के पहले अगर काम पर से नहीं निकाला तो वे आंदोलन करेंगे। लिहाज़ा मंदिर के ट्रस्ट ने 167 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। इनमें से 114 कर्मचारी मुस्लिम हैं।
श्री शनैश्वर देवस्थान ट्रस्ट ने कर्मचारियों को निकालने का कारण काम में लापरवाही और लंबी अनुपस्थिति बताया है। जिन कर्मचारियों को निकाला गया है, वे 2 से 10 साल से काम कर रहे थे। उन्हें 8 जून और 13 जून को दो चरणों में निकाला गया।
देवस्थान के CEO गोरक्षनाथ दरंदले ने कर्मचारियों को निकालने को सही ठहराया और भेदभाव से इन्कार किया। यह कार्रवाई पूरी तरह से अनुशासनात्मक थी। देवस्थान में 2,400 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। 114 मुस्लिम कर्मचारियों में से 99 कर्मचारी पिछले 5 महीने से काम पर नहीं आ रहे थे। इन सभी कर्मचारियों की तनख्वाह रोक दी गई थी। बचे हुए 15 कर्मचारियों में से कुछ कर्मचारी पिछले 20 साल से ट्रस्ट में काम कर रहे हैं। देवस्थान ने उनका वेतन रोक दिया था और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी की गयी थी। यह पहली खेप है जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
आचार्य तुषार भोसले ने कहा कि शनि शिंगणापुर मंदिर में मुस्लिम कर्मचारियों की नियुक्ति के विरोध में सकल हिंदू समाज का विरोध इतना प्रभावी रहा कि मंदिर प्रशासन को झुकना पड़ा। यह सकल हिंदू समाज की एकता की जीत है। मैं देशभर के सभी शनि भक्तों और हिंदू समाज का अभिनंदन करता हूं, जिनके एकजुट प्रयासों ने यह संभव किया।
