दाह संस्कार के आठवें दिन जिंदा लौट आई लड़की, फिर वो कौन थी जिसे जला दिया था ?

 

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में आठ दिन पहले जिसे मृत समझकर परिवार वालों ने जला दिया था वह वापस लौट आई। फिर सवाल है कि वह लड़की कौन थी जिसे जला दिया था।

हमीरपुर जिले के जरिया थाना क्षेत्र के वीरा गांव के पास 7 जून 2025 को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के सर्विस लेन के पुल के नीचे पानी में एक युवती का शव पुलिस ने कब्जे में लेकर मर्चरी हाउस में रखवाया था। पुलिस दिन भर शव की शिनाख्त कराने में हाथपांव मारती रही, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। अगले दिन मुस्करा थाना क्षेत्र के बिहुंनी गांव निवासी मलखान प्रजापति ने अज्ञात शव की शिनाख्त अपनी बेटी शिवानी के रूप में की थी। पहचान होने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया था। परिजनों ने भी शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।

मलखान प्रजापति ने इस मामले में बिहुंनी गांव के रहने वाले महेश और उसके पुत्र मनोज के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कराया था। पुलिस इस मामले को लेकर आरोपी पिता और पुत्र की तलाश में जुटी थी, तभी सोमवार को इस घटना में नया मोड़ आ गया है। जरिया थाना प्रभारी मयंक चंदेल ने बताया कि बिंहुनी गांव निवासी शिवानी को आज गोहांड कस्बे के तिराहा से हिरासत में लिया गया है। पूछताछ में इसने अपने परिजनों के नाम बताए। बताया कि मलखान को थाने में तत्काल बुलवाया गया। अपनी बेटी शिवानी को देख वह खुशी से उछल पड़ा। शिवानी ने पुलिस के सामने कहा कि परिजनों की नाराजगी के कारण वह घर से चली गई थी।

मलखान ने अज्ञात शव की शिनाख्त अपनी बेटी शिवानी के रूप में करने के बाद दाह संस्कार कर दिया था। अब सवाल उठता है कि आखिर वह किस युवती का शव था, जिसका दाह संस्कार शिवानी के परिजनों ने किया था।

थाना प्रभारी मयंक चंदेल ने बताया कि मलखान ने अज्ञात शव की शिनाख्त अपनी बेटी के रूप में की थी। उसने इस घटना में अपने गांव के ही पिता और पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अब वही शिवानी आज जीवित हालत में मिल गई है। मयंक चंदेल ने बताया कि अब फिर से इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

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