अमेरिकी एजेंसी WhatsApp इंक की सूचना पर मध्य प्रदेश के इंदौर में सोशल मीडिया के माध्यम से WhatsApp पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी वीडियो डाउनलोड करने और शेयर वाले आरोपी 60 वर्षीय ऑटो चालक को राज्य साइबर सेल (Cyber cell) पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शॉकिंग है कि आरोपी बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने का काम करता था।
आरोपी का नाम इरशाद अहमद मक़सूद अहमद है। वह इंदौर के खजराना इलाके का रहने वाला है।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब अमेरिका स्थित मेटा डाटा डिटेक्शन करने वाले WhatsApp इंक ने भारत सरकार की साइबर टिपलाइन को एक शिकायत भेजी। यह शिकायत चाइल्ड पोर्नोग्राफी कंटेंट के डाउनलोड और शेयरिंग से जुड़ी थी, जिसमें आरोपी की संलिप्तता पाई गई। गृह मंत्रालय की साइबर यूनिट से यह सूचना इंदौर की राज्य साइबर सेल को मिली।
साइबर सेल एसपी सव्यसाची सर्राफ के मुताबिक चाइल्ड पोनोग्राफी वीडियो की शेयरिंग व डाउनलोड करने की निगरानी यूनाइटेड स्टेट से होती है। गहन तकनीकी विश्लेषण करते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के सायबर टीप लाइन के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी। इसमें नाबालिग बच्ची के साथ यौन शोषण करते हुए अश्लील वीडियो डाउनलोड करने व शेयर की जानकारी मिली। इस पर साइबर सेल ने केस दर्ज किया। निरीक्षक दिनेश वर्मा व एसआइ इत्येंद्र चौहान की टीम ने इरशाद अहमद मकसूद अहमद को गिरफ्तार कर लिया।
इरशाद अहमद ने पुलिस को बताया कि वह ऑटो रिक्शा चलाता है और निजी स्कूल के छात्र-छात्राओं को स्कूल लाने, घर छोड़ने का काम करता है। उसे चाइल्ड पोनोग्राफी से संबंधित वीडियो व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त हुआ था, जिसे डाउनलोड करने के बाद उसने अन्य व्यक्ति को शेयर किया। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। अपराध से बचने के लिए इरशाद अहमद ने मोबाइल फोन फाॅर्मेट कर दिया था। इस पर भी पुलिस ने अपराध में धारा बढ़ाई है। उसकी हरकत के संबंध में स्कूल को भी पत्र लिखकर सूचना दी गई है।
