उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के बॉर्डर पर गुप्ता चाट भंडार नाम की दुकान में गुलफाम नाम का व्यक्ति चाय बिस्किट की दुकान गुप्ता चाट भंडार के नाम से चला रहा था। पुलिस ने इस आरोप में अशोक कुमार को गिरफ्तार किया है। गुलफाम फरार है।
असल में शुक्रवार, 4 जुलाई 2025 को मुजफ्फरनगर के विवादित संत और योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर हरिद्वार भगवान वराह की तस्वीर बांटने जा रहे थे लेकिन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित नारसन में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। फिर पास की ही दुकानों पर भगवान वराह की तस्वीर बांटने की इजाजत दी।
इसके बाद सबने (मीडिया ने भी) पास में स्थित गुप्ता चाट भंडार का रुख किया. यहां एक ही परिसर में दो दुकानें चल रही थीं एक चाट की और दूसरी चाय-बिस्किट की, दोनों के बाहर एक ही नाम था गुप्ता चाट भंडार। इतना ही नहीं दुकान में लगे FSSAI के सर्टिफिकेट पर नाम अशोक चौधरी का लिखा था. ऐसे में पहले जब एक ने चाट की दुकान पर लगे पेमेंट के लिए QR कोड स्कैन किया तो नाम आया अशोक कुमार लेकिन पास में ही मौजूद चाय बिस्किट की दुकान जिस पर भी गुप्ता चाट भंडार लिखा था उसमें लगे पेमेंट के जब QR कोड स्कैन किया गया तो नाम निकला गुलफाम।
आसपास गुलफाम को ढूंढा गया तो वह गायब हो गया. ऐसे में सहसंचालक अनिल कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि गुलफाम सिर्फ ढाबे का कर्मचारी है और जब QR कोड पर नाम गुलफाम का होने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने फिर दोहराया कि गुलफाम तो कर्मचारी है।” इतनी देर में चाय बिस्किट की दुकान में लगा QR कोड जिस पर गुलफाम लिखा था उसे हटा दिया गया और जब अनिल कुमार से दोबारा पूछा गया तो उन्होंने जवाब देना बंद कर दिया।
कुछ ही देर में मीडिया के कैमरे पर गुप्ता चाट भंडार का संचालन करने वाले दुकान के मालिक अशोक कुमार पहुंचे और उन्होंने स्पष्ट किया कि गुलफाम असल में किरायेदार है जो चाय बिस्किट की दुकान चलाता है और ये दुकान उसकी ही है। इसीलिए QR कोड पर उसका नाम है लेकिन सवाल अब भी यही था की अगर चाय बिस्किट की दुकान गुलफाम चलाता है तो नाम गुप्ता चाट भंडार क्यों लिखा। ऐसे में अशोक कुमार ने कहा कि उन्होंने गुलफाम से कहा था अपने नाम का बोर्ड लगाने के लिए लेकिन उसने लगाया नहीं और वो हर हर महीने 12 हजार रुपये किराया देता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच नारसन पुलिस मौके पर पहुँची और सबसे पहले पूरी दुकान की तलाशी ली और और गुलफाम के नाम वाले 2 QR कोड जब्त किए। इसके बाद पुलिस ने अशोक कुमार से पहले पूछताछ की, हिदायत दी कि जब दुकान गुलफाम की है तो गुप्ता चाट भंडार नाम क्यों लिखा था चाय बिस्किट की दुकान पर। फिर पुलिस ने पूछताछ के लिए अशोक कुमार को हिरासत में ले लिया और इस दौरान गुलफाम दुकान से गायब हो गया।
