शिवाजी कटरे और रेनू कटरे
महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) के अधिकारी बापूराव शिवाजी कटरे की बहुत ज़्यादा रिश्वतखोरी से परेशान उसकी पत्नी रेनू कटरे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बापूराव कटरे के खिलाफ आत्महत्या के लिए मज़बूर करने, शारीरिक, मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का मामला दर्ज किया है। बापूराव कटरे फरार है।
बापूराव कटरे म्हाडा (MHADA) में उप निबंधक के पद पर था। बताते हैं वह महीने में 40 से 50 लाख रुपये रिश्वत से कमा लेता था। इससे उसकी पत्नी रेनू कटरे (44) को परेशानी होती ही थी। बापूराव कटरे अपने ससुर पर रिश्वत के रुपये को व्हाइट करने का भी दबाव डालता था। रेनू कटरे इस बात का हमेशा विरोध करती थी। वह कहती थी कि घर में गलत पैसे न लाए जाएं क्योंकि इसका बच्चों पर बुरा असर पड़ेगा। बापूराव कटरे इसी बात पर रेनू को प्रताड़ित भी करता था। रोज़ रोज़ की प्रताड़ना से तंग रेनू कटरे ने रविवार को कांदिवली के लोखंडवाला स्थित रहेजा कॉम्प्लेक्स में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
रेनू कटरे के भाई की शिकायत पर समतानगर पुलिस ने बापूराव कटरे के खिलाफ FIR दर्ज किया है। रेनू कटरे के भाई ने पुलिस शिकायत में आरोप लगाया है कि बापूराव कटरे MHADA में रहते हुए हर महीने लगभग 40 से 50 लाख रुपये की ब्लैक मनी अवैध रूप से कमाता था।

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