लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर विषय पर हो रही बहस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने एक साथ नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े 100 से अधिक आतंकवादी, उनके ट्रेनर, हैंडलर और सहयोगी मारे गए। रक्षा मंत्री ने बताया कि ये पूरा ऑपरेशन सिर्फ 22 मिनट में संपन्न हुआ।
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने छह से सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत दुश्मनों को सबक सिखाया। इसको लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के नाम से एक ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह भारत की संप्रभुता, उसकी अस्मिता, देश के नागरिकों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और आतंकवाद के खिलाफ हमारी नीति का एक असरदार और निर्णायक था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वह देश नहीं रहा जो पहले था। आज भारत सहता नहीं, जवाब देता है। आज भारत आतंक की जड़ तक जाता है और उसे उखाड़ फेंकने का सामर्थ्य रखता है। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि आज का भारत अलग सोचता है और अलग तरीके से काम करता है। हमारा मानना है कि जब आपका प्रतिद्वंद्वी आतंक को रणनीति बना चुका हो और बातचीत की भाषा नहीं समझता हो, तो दृढ़ रहना और निर्णायक होना ही एकमात्र विकल्प होता है।
राजनाथ सिंह ने कहा, “इतिहास गवाह है कि भारत ने कभी किसी की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं किया। शेर अगर मेंढकों को मारे तो अच्छा संदेश नहीं जाता। हमारी सेना शेर है। पाकिस्तान जैसा देश, जो अपने अस्तित्व के लिए दूसरों पर निर्भर है, उससे मुकाबला करना अपना स्तर गिराने जैसा है।” उन्होंने आगे कहा कि हमारी नीति आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और प्रभावी कार्रवाई की है। हमारा पाकिस्तान विरोध किसी धार्मिक कारण से नहीं, बल्कि उनकी आतंकवाद पोषक नीतियों की वजह से है।
रक्षा मंत्री ने भगवान राम और श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की नीतियां शौर्य और धैर्य का समन्वय हैं। “जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने शिशुपाल की 100 गलतियों को माफ किया, लेकिन फिर सुदर्शन चक्र उठाया, वैसे ही भारत पहले दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, लेकिन धोखा मिलने पर प्रतिक्रिया देना जानता है।”
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य क्षमता और राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक था। “अगर कोई हमारे नागरिकों को मारेगा, तो भारत चुप नहीं बैठेगा। भारत की मिसाइलें सीमाओं को पार करेंगी और हमारे वीर सैनिक दुश्मन की कमर तोड़ देंगे। हम आतंकवाद के हर रूप को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।” राजनाथ सिंह ने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश और रक्षा नीति अब ‘धैर्य और प्रतिकार’ के सिद्धांतों पर आधारित है।

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