भारत-चीन तनाव पर की गई एक टिप्पणी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को फटकार लगाई है। 16 दिसम्बर 2022 की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल ने यह विवादित वक्तव्य दिया था। इसे लेकर दर्ज मुकदमे को निरस्त कराने पहुंचे राहुल को सुप्रीम कोर्ट ने खरी-खरी सुनाई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल लखनऊ में चल रहे मुकदमे पर रोक लगा दी है।
दरअसल, लखनऊ की MP/MLA विशेष अदालत ने फरवरी 2025 में राहुल गांधी को समन जारी किया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा ने 24 मार्च 2025 को सुनवाई के लिए तारीख तय की थी। इसमें राहुल को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया। राहुल गाँधी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में इस समन और मामले को चुनौती दी, लेकिन मई 2025 में हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। टिप्पणी यह की थी कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में सेना के खिलाफ अपमानजनक बयान देने की आजादी शामिल नहीं है। इसके बाद राहुल गाँधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशद्वय जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा- आपको कैसे पता चल गया कि चीन ने भारत की 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन कब्जा ली? क्या आप वहां थे? आपके पास क्या सबूत था? अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो ऐसी बात नहीं कह सकते। जब सीमा पर झड़प की स्थिति हो, तब दोनों तरफ की सेना को नुकसान पहुंचना कोई असामान्य बात नहीं।
16 दिसंबर 2022 को राहुल गाँधी ने एक भाषण में कहा था कि चीनी सैनिक भारतीय सैनिकों को पीट रहे हैं। इस बयान को आधार बना कर बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के पूर्व निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने लखनऊ में राहुल के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दर्ज करवाया।
लखनऊ की एमपी/एमएलए कोर्ट में दाखिल शिकायत में उदय शंकर श्रीवास्तव ने कहा है कि भारतीय सेना ने 12 दिसंबर 2022 को आधिकारिक बयान जारी कर बताया था कि भारतीय सीमा में अतिक्रमण कर रही चीनी सेना को हमारे सैनिकों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। इसके बाद चीनी सेना वापस लौट गई। इसके बावजूद राहुल गांधी ने सेना को अपमानित करने वाला झूठा बयान दिया। इससे उन्हें और भारतीय सैनिकों को धक्का लगा है।
वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं। वह कुछ नहीं कह सकते हैं, तो उनका इस पद पर रहने का क्या फायदा है। सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक मनु सिंघवी की बात का जवाब देते हुए कहा कि उनको किसी ने नहीं रोका है, लेकिन यह सवाल संसद में क्यों नहीं उठाते हैं? वह सोशल मीडिया पर इस तरह की बातें क्यों लिखते हैं? बता दें कि इससे पहले लखनऊ की एक अदालत ने राहुल गांधी को सैन्यकर्मियों पर कथित टिप्पणी को लेकर दायर मानहानि के एक मामले में पेश होने के बाद जमानत दे दी थी।

https://shorturl.fm/dTmve