केंद्रीय गृह मंत्रालय की जांच में खुलासा हुआ है कि बिहार के भागलपुर जिले में दो पाकिस्तानी महिलाओं के नाम पर वोटर आईडी कार्ड जारी हो गए। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) ऑफ वोटर लिस्ट के दौरान यह मामला सामने आया है। एक पाकिस्तानी पुरुष का आधार कार्ड भी बन जाने की बात सामने आयी है।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक फिरदौसिया खानम की महिला, जिसके पति का नाम मो. तफजील अहमद है। वे रंगपुर की रहने वाली है और 19 जनवरी 1956 को तीन महीने के वीजा पर भारत आई थीं। दूसरी महिला का नाम इमराना खानम उर्फ इमराना खातून है। उसके पिता का नाम इबतुल हसन है। ये भी तीन साल के वीजा पर भारत आई थीं। इनके अलावा मोहम्मद असलम नामक एक पाकिस्तानी नागरिक 24 मई 2002 को दो साल के वीजा पर भारत आया था और उसने भी आधार कार्ड बनवा लिया है। ये तीनों नागरिक लंबे समय से भारत में रह रहे हैं और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी यहीं पर ठहरे हुए थे।
गृह मंत्रालय की टीम अवैध रूप से भारत में वीजा ओवरस्टे कर रहे विदेशियों का पता लगाने में जुटी थी। इसी दौरान भागलपुर में तीन पाकिस्तानी नागरिकों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिनमें से दो महिलाएं इशाकचक थाना क्षेत्र के भीखनपुर गुमटी नंबर 3 टैंक लेन में रह रही थीं। जांच में पता चला कि इन दोनों पाकिस्तानी महिलाओं के नाम पर मतदाता पहचान पत्र (EPIC नंबर सहित) बन चुका है।
स्पेशल ब्रांच के एसपी ने भागलपुर के डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी और एसएसपी से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। डीएम ने पुष्टि की कि दोनों पाकिस्तानी महिलाओं का नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
