APP विनायक चंदेल
महाराष्ट्र के बीड़ जिले के माजलगांव तहसील के खिड़की, वडवनी दीवानी और फौजदारी न्यायालय के सहायक सरकारी वकील (APP) विनायक चंदेल (48) के कोर्ट में ही आत्महत्या प्रकरण में जज रफीक शेख और क्लर्क अण्णासाहब तायड़े के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। पुलिस ने जज और क्लर्क को आत्महत्या के लिए ज़िम्मेदार माना है।
बता दें कि APP विनायक चंदेल उर्फ़ वीएम (48) बुधवार सुबह कोर्ट जल्दी आ गए थे। यहां उन्होंने चेंबर को अंदर से बंद कर लिया। उन्होंने शॉल का इस्तेमाल करके खिड़की की ग्रिल से फांसी लगा ली। उनका शव सुबह करीब 10.30 बजे मिला। उस समय कोर्ट के कर्मचारी और वकील ड्यूटी पर आने शुरू हुए थे। पुलिस को विनायक चंदेल की जेब से सुसाइड नोट मिला था। सुसाइड नोट में विनायक चंदेल ने प्रथम वर्ग न्याय दंडाधिकारी रफीक शेख और क्लर्क अण्णासाहब तायड़े को आत्महत्या के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था। विनायक चंदेल ने सुसाइड नोट में बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सम्बोधित किया था। समझा जाता है विनायक चंदेल ने सुसाइड नोट rgpstdcj-bbc@gmail.com और supremecourt.nic.in पर मेल भी किया था।
9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन पर विनायक चंदेल अपने मूल गांव इन्देवाडी, परभणी गए थे। वे तनाव में रहते थे तो परिवार के पूछने के बाद उन्होंने बताया था कि जज रफीक शेख और क्लर्क अण्णासाहब तायड़े हमेशा उनका अपमान करते हैं। जज रफीक शेख उनके केस के विटनेस को बिना मतलब समन्स निकालते हैं। उनके केस के खिलाफ जजमेंट देते हैं। क्लर्क अण्णासाहब तायड़े उनका कोई भी डॉक्युमेंट्स (अर्जी) स्वीकार नहीं करता। स्वीकार करता भी है तो उसे रिकॉर्ड पर नहीं लेता। 15 अगस्त 2025 को विनायक चंदेल के पिता लिम्बाजी विट्ठलराव चंदेल वडवनी आये थे। तब भी विनायक चंदेल ने बताया था कि जज रफीक शेख और क्लर्क अण्णासाहेब तायड़े की वैसी ही हरकत है। तब विनायक चंदेल ने इस्तीफ़ा देने की बात की थी। पिता ने उन्हें समझाया था कि जज हमेशा यहां नहीं रहने वाला। उसका तबादला हो जाएगा तो समस्या अपने आप ख़त्म हो जाएगी।
पुलिस ने पहले आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज किया था। विनायक चंदेल के बेटे विश्वजीत चंदेल और रिश्तेदारों ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट परिसर में धरना दिया और CBI जाँच की मांग की। फिर वडवनी पुलिस ने शुक्रवार, 22 अगस्त 2025 को जज रफीक शेख और क्लर्क अण्णासाहब तायड़े के खिलाफ BNS-2023 की धारा- 108 और 3 (5) के तहत FIR (नंबर- 0205/2025) दर्ज की। FIR की कॉपी ABI (abinewz.com) के पास है।
विनायक चंदेल मूल रूप से परभणी जिले के रहने वाले थे और परभणी बार से जुड़े थे। विनायक चंदेल ने मुंबई में लॉ ऑफिसर के रूप में भी काम किया था। विनायक चंदेल ने महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (MPSC) की परीक्षा पास की थी। इसके बाद वह इसी साल जनवरी में असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (APP) बने थे। उनकी पोस्टिंग वडवनी कोर्ट में हुई थी।

The clerk was holding the portfolio of Deputy Magistrate who had the power to disallow or exhibit or de exhibit any document
Disgusting it reminds me of the movie Jolly L.l.b when the character shouts
YEH MERA COURT HAIN AUR YAHAAN MERA KANOON CHALENGA