अब अमेरिकी झंडा जलाने वाले को होगी एक साल की जेल, प्रवासियों को छोड़ना होगा देश, जमानत पर भी रोक

 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया, जिसमें अमेरिकी झंडा जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। उन्होंने न्याय विभाग को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों की जांच की जाए और दोषियों पर मुकदमा चलाया जाए।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी झंडा जलाना दंगे भड़काता है और इससे समाज में भारी अशांति फैलती है। उनके अनुसार, कुछ लोग झंडा जलाने को लेकर इतने नाराज़ होते हैं कि हिंसा पर उतर आते हैं। ट्रंप ने कहा कि जब झंडा जलाया जाता है तो पूरा इलाका पागल हो जाता है, सैकड़ों लोग हिंसक हो जाते हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस आदेश में साल 1989 में टेक्सास के एक मामले में कोर्ट के 5-4 के फैसले को स्वीकार किया गया। लेकिन कहा गया कि अगर झंडा जलाने से समाज में भारी अशांति फैलती है तो अभी भी मुकदमा चलाने की गुंजाइश है। उस मामले में, न्यायाधीशों ने 5-4 के बहुमत से फैसला सुनाया कि पहला संशोधन झंडा जलाने को वैध राजनीतिक अभिव्यक्ति के रूप में संरक्षित करता है। दिवंगत न्यायमूर्ति एंटोनिन स्कैलिया, रूढ़िवादी नेता, जिनकी ट्रंप ने बार-बार प्रशंसा की है, बहुमत में थे।

बात अगर कार्यकारी आदेश की करें तो इसके तहत जो लोग अमेरिकी झंडा जलाते हैं और उसका उद्देश्य हिंसा भड़काना या दंगा फैलाना होता है, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे दोषियों को एक साल की जेल की सजा दी जाएगी, जिसमें न तो ज़मानत मिलेगी और न ही जल्दी रिहाई का कोई विकल्प होगा।

ट्रंप के इस कार्यकारी आदेश में अगर झंडा जलाने वाला व्यक्ति विदेशी नागरिक है, तो उसका वीजा रद्द किया जा सकता है, नागरिकता की प्रक्रिया रोकी जा सकती है और उसे देश से बाहर भी निकाला जा सकता है। गौरतलब है कि ट्रंप लंबे समय से झंडा जलाने के खिलाफ सख्त रुख अपनाते रहे हैं। अब उनके इस आदेश को आगामी अमेरिकी चुनावों और उनके राष्ट्रवादी एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है।

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