‘शहद हराम’ अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप की बीवी-बेटी को बहुत पसंद है उत्तर प्रदेश का शहद !

 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीवी और बेटी को उत्तर प्रदेश का शहद बहुत पसंद है। एक अमेरिकी पॉडकास्ट The Skinny Confidential में खुद डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सबसे बड़ी बेटी इवांका ट्रंप ने अपनी पसंद के बारे में बताया है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के शहद एक्सपोर्टर्स का ज्यादातर शहद का एक्सपोर्ट अमेरिका को होता है। परन्तु अब अमेरिका शहद हराम हो गया है। अमेरिका के 50% टैरिफ लागू करने के फैसले के बाद से शहद के निर्यातकों को भी बड़ा झटका लगा है।

The Takeout में छपी एक स्टोरी के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रम्प ने साल 2013 में फेसबुक पर अपना पसंदीदा मॉर्निंग कॉम्बो शेयर किया था, जिसमें पालक, अजवाइन, शहद और जैतून का तेल शामिल था। द स्किनी कॉन्फिडेंशियल पॉडकास्ट में डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी बेटी इवांका ट्रंप हेल्दी स्मूदी भी पसंद करती हैं, जिसमें केल, सादा ग्रीक योगर्ट, ऑर्गेनिक कच्चा शहद और बादाम जैसी चीजें शामिल हैं। खुद ट्रंप भी कुछ ऐसा ही खाते होंगे, क्योंकि एक बार जब वो उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन के साथ डिनर कर रहे थे तो भी उन्हें शहद में बनी हुई चीजें परोसी गई थीं। यानी भारतीय शहद का इस्तेमाल व्हाइट हाउस से लेकर अमेरिका के आम घरों तक है।

दरअसल, भारत का ज्यादातर शहद अमेरिका, यूएई और सऊदी अरब को जाता है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से करीब 10,000 मीट्रिक टन शहद अमेरिका को एक्सपोर्ट किया जाता है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने करीब 1.52 लाख टन शहद का उत्पादन किया। इसमें से लगभग 79,720 टन अकेले अमेरिका को भेजा गया। यह देश के कुल उत्पादन का करीब 52 फीसदी और कुल निर्यात का लगभग 80 फीसदी है। कुल शहद निर्यात 100,773 टन रहा, जिसका मूल्य 1750 करोड़ रुपये था।

भारत के शहद एक्सपोर्ट घटने से इसका फायदा अर्जेंटीना, वियतनाम, यूक्रेन और मेक्सिको जैसे देशों को मिलेगा। वहीं, भारत के घरेलू मार्केट में शहद की कीमत गिर जाएगी। इससे किसानों को काफी नुकसान हो सकता है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत की शहद इंडस्ट्री करीब 3500 करोड़ रुपये की है। भारी-भरकम टैरिफ के चलते हनी इंडस्ट्री को झटका लग सकता है।

हाल ही में सरकार ने इस वर्ष के अंत यानी 31 दिसंबर तक प्राकृतिक शहद पर न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 2,000 डॉलर प्रति टन से घटाकर 1,400 डॉलर प्रति टन कर दिया है। इस एमईपी से कम मूल्य पर निर्यात की अनुमति नहीं है। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने इस बारे में एक अधिसूचना भी जारी की है। शहद का प्रमुख निर्यात गंतव्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कतर हैं। केंद्र ने इस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (एनबीएचएम) शुरू किया है। मुख्य शहद उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, बिहार और राजस्थान हैं।

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