छत्तीसगढ़ में 210 माओवादियों ने 153 हथियारों के साथ किया सरेंडर

 

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में शुक्रवार को सेंट्रल कमेटी सदस्य व दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता रूपेश उर्फ विकल्प के नेतृत्व में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) सदस्य भास्कर उर्फ राजमन मंडावी, रनीता, राजू सलाम सहित 210 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। मंच पर जैसे ही माओवादी पहुंचे, लाल बंदूकें झुक गईं और उनके हाथों में संविधान की किताब और लाल गुलाब थे।

यह प्रतीक था हिंसा से शांति की ओर यात्रा का। इस समर्पण के साथ अबूझमाड़ के 4400 वर्ग किमी, कांकेर जिले और महाराष्ट्र सीमा तक का क्षेत्र माओवाद मुक्त हो गया है।

माओवाद के सशस्त्र आंदोलन का यह सबसे निर्णायक मोड़ है, क्योंकि इसके साथ ही माड़ डिवीजन, गढ़चिरौली कमेटी, उत्तर-पूर्वी बस्तर डिविजन, कंपनी नंबर-1 और 10, संचार, प्रेस और डाक्टर टीम पूरी तरह संगठन से बाहर आ चुकी हैं। यह माओवादी आंदोलन के अंतिम अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। अब बस्तर में सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में ही माओवादियों सिमट कर रह गए हैं।

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