महाराष्ट्र के सतारा जिले के फलटण इलाके में महिला डॉ. संपदा मुंडे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। डॉक्टर ने अपनी हथेली पर सुसाइड नोट लिखा और उसमें लिखा कि PSI गोपाल बदने ने उसका चार बार बलात्कार किया। हाथ से लिखे सुसाइड नोट में एक सांसद और उनके PA का भी ज़िक्र है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आदेश के बाद PSI गोपाल बदने को निलंबित कर दिया गया है।
आत्महत्या से पूर्व डॉक्टर ने अधिकारियों को लिखे अपने पत्र में एक सांसद (MP) और उनके स्वीय सचिव (PA) का उल्लेख किया है, जिससे इस मामले में राजनीतिक दबाव का ज़िक्र है। डॉक्टर ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि उन्हें संदिग्ध आरोपियों को ‘फिट’ (स्वस्थ) प्रमाणपत्र देने के लिए पुलिस अधिकारियों द्वारा दबाव डाला जा रहा था। जब उन्होंने ऐसा करने से इन्कार कर दिया, तो पुलिस ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। इसके अलावा, डॉक्टर ने शिकायत की थी कि उन्होंने DYSP (उप-अधीक्षक) रैंक के अधिकारियों के पास भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिन्होंने उन्हें परेशान किया था।
डॉक्टर फल्टन उप जिला अस्पताल में मेडिकल अफसर थी। हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में मृत डॉक्टर ने लिखा, PSI गोपाल बदने ने 4 बार रेप किया। मेरे मरने का कारण पुलिस निरीक्षक गोपाल बदने हैं। चार बार उसने मेरा बलात्कार किया। 5 महीने से अधिक (समय तक) बलात्कार और उत्पीड़न किया था। डॉ. ने आखिरी नोट में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस अधिकारी प्रशांत बनकर ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
महाराष्ट्र पुलिस के स्पेशल इंस्पेक्टर जनरल सुनील फुलारी ने प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि केस दर्ज किया गया है। दो आरोपी के नाम शामिल हैं, जिसमें एक PSI है। उसका सस्पेंशन ऑर्डर जारी कर दिया गया है। सुनील फुलारी ने आगे बताया कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उसकी तलाशी के लिए दो टीमें भेजी गई हैं।
