आजम खान, पत्नी तंजीन फातिमा
सीतापुर जेल से रिहा होने के करीब एक माह बाद अब समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान पर एक और कानूनी शिकंजा कस गया है। आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और BSA दफ्तर के बाबू पर रामपुर पब्लिक स्कूल (आरपीएस) से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में रामपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। खान दंपति कोर्ट में पेश हुए, जहां अदालत ने फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से स्कूल की मान्यता प्राप्त करने के मामले में आरोप तय कर दिए। इस मामले की अगली सुनवाई 10 नवंबर को तय की गई है।
यह मामला वर्ष 2020 में दर्ज हुआ था, जब बेसिक शिक्षा विभाग ने शिकायत पर जांच शुरू की। आरोप है कि आरपीएस की मान्यता के लिए दूसरे स्कूल की अग्निशमन (फायर) एनओसी का इस्तेमाल किया गया, जो फर्जी था। स्कूल आजम खान के मौलाना मुहम्मद अली जौहर ट्रस्ट द्वारा संचालित है। आजम खान पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
आजम खान के वकील जुबैर अहमद ने मीडिया से कहा, “रामपुर पब्लिक स्कूल मामले में आजम खान और तंजीन फातिमा पर कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। यह आरपीएस की मान्यता में फायर एनओसी के फर्जी इस्तेमाल से जुड़ा है। हम बचाव पक्ष के तौर पर सभी सबूतों का खंडन करेंगे। 10 नवंबर को अगली सुनवाई होगी।” इसी बीच, एक अन्य पुराने मामले यतीमखाना प्रकरण में भी आजम खान कोर्ट में पेश हुए। यह घटना 15 अक्टूबर 2016 की है, जब रामपुर के यतीमखाना (वक्फ संपत्ति नंबर 157) पर कथित तौर पर अवैध निर्माण तोड़े गए। आरोप है कि आजम खान के इशारे पर भैंस, बकरी समेत अन्य सामान की लूटपाट की गई और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले में 12 एफआईआर दर्ज हुई थीं, जो बाद में एक साथ जोड़ दी गईं।
कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर को तय की है। वकील जुबैर अहमद ने कहा, “यतीमखाना मामले में आजम खान कोर्ट में पेश हुए। यह 2016 का पुराना प्रकरण है, जिसमें वक्फ संपत्ति पर कार्रवाई के आरोप हैं। हमारी ओर से मजबूत बचाव पेश किया जाएगा।”
