कल्पतरु बिल्डर्स एन्ड डेवलपर्स विक्रोली में एक प्रोजेक्ट बना रहा है। इस प्रोजेक्ट में उसने बृहन्मुम्बई महानगर पालिका (BMC) का नाला ही निगल गया। मतलब नाला ही खा गया। कल्पतरु बिल्डर ने यह हिमाकत इसलिए कर दी कि उसके इस प्रोजेक्ट में एक मंत्री स्लीपिंग पार्टनर है और एक विधायक ने अपना ‘मैटर सेटल’ कर लिया है।
कल्पतरु बिल्डर का यह प्रोजेक्ट KALPTARU VIRTUS नाम से (CTS- 7/A), गाँधीनगर, हरियाली विलेज, विक्रोली (पश्चिम) में है। 5112. 50 वर्ग मीटर में बन रहा यह कॉमर्शियल प्रोजेक्ट 25 मंजिला है। प्रोजेक्ट मेसर्स मेहल इंटरप्राइसेस के नाम से साल 2024 में बनना शुरू हुआ है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि जिस भूखंड पर यह प्रोजेक्ट बन रहा है उसके बीचोबीच 20 फुट चौड़ा एक नैसर्गिक नाला था। नाले से सटकर (समानान्तर) पांच मीटर चौड़ी एक सड़क भी थी। इससे प्रोजेक्ट बन नहीं सकता था। फिर कल्पतरु बिल्डर ने अपनी ‘फितरत’ दिखाई। नाले और सड़क को खा लिया। अब वहां न तो नाला दिखता है न सड़क।
सबको मालूम है कल्पतरु बिल्डर बड़ा बिल्डर है और अवैध काम करने के लिए कुख्यात है। ऐसे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के ईशान्य मुंबई जिला सचिव पुरुषोत्तम सिंह ने हिम्मत दिखाई और कल्पतरु बिल्डर पर कार्रवाई के लिए शिकायतें शुरू कर दीं। BMC के ‘S’ वार्ड अधिकारियों ने इस शिकायत पर अलता-भलता जवाब दे दिया। BMC मुख्यालय और स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज (SWD), वर्ली डिपार्टमेंट ने पुरुषोत्तम सिंह को घुमाना शुरू किया। तब से पुरुषोत्तम सिंह BMC मुख्यालय, ‘S’ वार्ड और SWD डिपार्टमेंट के चक्कर लगा रहे हैं।
पुरुषोत्तम सिंह की किसी भी डिपार्टमेंट ने प्रॉपर हेल्प नहीं की। उलटे डरा दिया। BMC वालों ने पुरुषोत्तम सिंह को अनऑफिशियली ‘बता’ दिया कि कल्पतरु बिल्डर का ठाणे शहर में एक विवादित प्रोजेक्ट था। बहुत ज़्यादा विवादित था। तब एक मंत्री ने ‘ऑटो मोड’ में वह विवाद क्लियर करवा दिया था। मंत्री का एहसान चुकाने के लिए अब बिल्डर ने उस मंत्री को विक्रोली के इस प्रोजेक्ट में स्लीपिंग पार्टनर बना दिया है।
BMC अधिकारियों ने यह भी बताया कि नाला और सड़क हज़म कर जाने का मुद्दा एक विधायक ने भी उठाया था। तब BMC ने बिल्डर को स्टॉप वर्क की नोटिस देकर काम रुकवा दिया था। विधायक ने जिस ‘हेतु’ से काम रुकवाया था, हेतु ‘सिद्ध’ होने पर प्रोजेक्ट की तरफ से मुंह फेर लिया।
BMC अधिकारियों का यह भी कहना है कि नाला बहुत माइनर था। इससे उसे निगलने में कोई हर्ज नहीं था। और नाला गायब हो जाने के बाद इससे कोई प्रभावित भी नहीं हुआ। अब पुरुषोत्तम सिंह का कहना है कि वे डॉक्युमेंट्स इकठ्ठा कर रहे हैं और जल्द ही बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट पिटीशन करेंगे। पुरुषोत्तम सिंह की शिकायत पर मुंबई जिलाधिकारी ने प्रोजेक्ट पर आवश्यक कार्रवाई के लिए BMC ‘S’ वार्ड अधिकारी को पत्र लिखा था। पत्र की कॉपी ABI (abinewz.com) के पास है।
