पिता लालू यादव को किडनी डोनेट करने वाली बेटी रोहिणी आचार्य के घर छोड़ने के बाद उनकी तीन अन्य बहनों रागिनी, चंदा और राजलक्ष्मी ने भी अपने माता-पिता का घर छोड़ दिया है। वे पटना स्थित घर छोड़कर दिल्ली पहुंच गई हैं। रोहिणी ने रविवार को दिल्ली में बहन मीसा भारती से मुलाकात की। उन्होंने कहा, उन्हें जब घर से निकाला गया तो लालू-राबड़ी और उनकी बहनें रो रही थीं।
रोहिणी ने शनिवार शाम में एक्स पर एक पोस्ट कर तहलका मचा दिया था। उन्होंने पोस्ट में लिखा था कि उनको सवाल पूछे जाने के कारण चप्पल से मारने की कोशिश की गई। उनको गालियां दी गईं। उनको घर से निकाल दिया गया। इसके बाद रविवार को भी उन्होंने कई पोस्ट किया किए। उन्होंने तेजस्वी यादव और उनके करीबियों संजय यादव- रमीज खान पर गंभीर आरोप भी लगाए।
रोहिणी ने रविवार को यह भी कहा कि उन्होंने अपने पति और ससुराल की राय लिए बिना अपने पिता को अपनी किडनी दान की लेकिन, अब उनको अफसोस हो रहा है। उन्होंने कहा कि उनको गंदी महिला कहा गया और अपनी गंदी किडनी पिता को देने की बात कही गई। रोहिणी ने ये सारी बातें अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को निशाना बनाकर कही। रोहिणी ने आगे कहा कि वह कहना चाहती है कि किसी भी बेटी को शादी के बाद अपने ससुराल और अपने परिवार पर ध्यान देना चाहिए।
इस पूरे विवाद में लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप भी कूद पड़े हैं। वह अपनी बहन के अपमान को बर्दास्त नहीं करने की बात कह रहे हैं। तेजप्रताप को पहले ही परिवार से बाहर कर दिया गया है। जानकार बताते हैं कि परिवार में भाई-बहनों के बीच विवाद की मुख्य वजह राजद की कमान लेने को लेकर है। बिहार चुनाव में बुरी हार के बाद तेजस्वी यादव अपने आलोचकों के साथ-साथ परिवार में भी निशाने पर हैं। इस चुनाव में राजद सिमटकर केवल 25 सीटों पर आ गई है। पूरा महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया है।
