हिंदी बोलने पर लोकल ट्रेन में मराठी यात्रियों ने मराठी छात्र को पीटा, ग्लानिरत छात्र ने आत्महत्या की !

अर्णब खैरे और पिता जितेंद्र खैरे

महाराष्ट्र : ठाणे जिले में कल्याण के 19 वर्षीय कॉलेज छात्र अर्णव जितेंद्र खैरे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि लोकल ट्रेन में धक्का लग जाने पर मराठी भाषी यात्री एक हिंदी भाषी यात्री से झगड़ा कर रहे थे। अर्णब खैरे ने हिंदी भाषी यात्री के फेवर में हिंदी में बोला तो मराठी भाषी यात्रियों ने उसकी पिटाई कर दी। इससे अर्णब खैरे ग्लानि से भर गया और घर आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

अर्णब खैरे कल्याण (पूर्व) के तीसगांव नाका स्थित सहजीवन सोसायटी में रहता था। वह मुलुंड के केलकर कॉलेज में साइंस का फर्स्ट ईयर का छात्र था। घटना 19 नवम्बर 2025 की सुबह लोकल ट्रेन में हुई। एक हिंदी भाषी यात्री और मराठी भाषी यात्री के बीच धक्का लगने को लेकर कहासुनी हो रही थी। अर्णब खैरे ने भी हिंदी में हिंदी भाषी यात्री के बचाव में बोला। अर्णब खैरे मास्क लगाया हुआ था। एक मराठी भाषी यात्री ने उसे थप्पड़ मारते हुए कहा कि तू मराठी है। फिर भी हिंदी में बात क्यों कर रहा है। मराठी बोलते हुए शर्म आ रही है क्या। उसने अर्णब खैरे के चेहरे से मास्क खींच दिया।

इसी विवाद में कुछ और मराठी भाषी यात्री कूद पड़े। उन्होंने अर्णब खैरे की जबरदस्त पिटाई कर दी। अर्णब खैरे कॉलेज न जाकर ठाणे स्टेशन पर उतर गया और अपने पिता जितेंद्र खैरे को फोन कर घटना की जानकारी दी। उसने बताया कि हिंदी बोलने पर मराठी भाषी यात्रियों ने उसकी पिटाई कर दी। अर्णब खैरे घर वापस आ गया। इस हादसे से वह इतना आहत हो गया था कि बेडरूम में उसने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली।

जितेंद्र खैरे ने स्थानीय कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत की। पुलिस ने फिलहाल ADR का मामला दर्ज किया है।

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