मध्य प्रदेश सरकार ने आरक्षण, ब्राह्मण की बेटियों पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष कुमार वर्मा को सरकार ने ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया और बुधवार देर रात तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया। संतोष वर्मा 2011 बैच के अधिकारी हैं और इस समय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में उप सचिव के पद पर तैनात थे।
गौरतलब है कि 23 नवंबर को भोपाल के अंबेडकर मैदान में अजाक्स प्रांतीय अधिवेशन के दौरान संतोष कुमार वर्मा ने कहा था- जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनाता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।
इस बयान के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भोपाल के वल्लभ भवन राज्य सचिवालय के बाहर इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने संतोष वर्मा के पुतले जलाए और उनके खिलाफ एसएसी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत FIR दर्ज करने की मांग की। कार्यकर्ताओं के हाथों में पोस्टर थे, जिनमें ‘अफसर संविधान नहीं बदल सकते’ और ‘बाबासाहेब की विरासत की रक्षा करो’ लिखा हुआ था। एक संगठन ने तो उनकी जीभ काटने वाले को इनाम की घोषणा कर दी।
अब राज्य शासन ने संतोष कुमार वर्मा को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि आपकी टिप्पणी सामाजिक समरसता को ठेस पहुंचाने एवं आपसी वैमनस्यता उत्पन्न करने वाला प्रयास प्रतीत होती है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बुधवार देर रात जारी नोटिस में कहा गया है-:
1-आपके द्वारा दिनांक 23.11.2025 को भोपाल में आयोजित अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में दिये गये वक्तव्य के संबंध में दिनांक 25.11.2025 के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार की छायाप्रति संलग्न है। आपके द्वारा एक परिवार में एक व्यक्ति को आरक्षण मिलना चाहिए, जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं कर दे या उससे उसका संबंध नहीं बना ले” जैसी टिप्पणी करना प्रथम दृष्टया सामाजिक समरसता को ठेस पहुंचाने एवं आपसी वैमनस्यता उत्पन्न करने वाला प्रयास प्रतीत होता है, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों से अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं होकर अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है।
2-इस प्रकार आपके द्वारा अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियम, 1968 के नियम 3(1), 3 (2) (बी) (i) (ii) का उल्लंघन किया जाकर, आपने स्वयं को अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1969 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही का भागी बना लिया है।
3-अतः कारण बताएं कि उपरोक्त कृत्य के लिए क्यों न आपके विरूद्ध अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1969 के नियम-10 (1) (ए) के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। कृपया अपना उत्तर इस कारण बताओ सूचना पत्र की प्राप्ति के 07 दिवस के अंदर प्रस्तुत करें। नियत समयावधि में आपका उत्तर प्राप्त न होने पर योग्य एक पक्षीय अग्रेत्तर कार्रवाई की जा सकेगी।
इसके एक दिन बाद बुधवार देर रात सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
