स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई

कुणाल कामरा

हास्य कलाकार और स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है और इस पर तय प्रक्रिया के अनुसार आगे कार्रवाई चल रही है। महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने रविवार को बताया कि यह मामला अब विशेषाधिकार समिति को भेजा गया है, जो इस प्रस्ताव की जांच करेगी। समिति की रिपोर्ट आने के बाद इसे सदन में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 194 राज्य विधानमंडलों के सदस्यों को विशेष शक्तियाँ, विशेषाधिकार और सुरक्षा प्रदान करता है। विशेषाधिकार हनन का मामला तब बनता है जब कोई व्यक्ति किसी विधायक के खिलाफ़ मानहानिपूर्ण बयान देता है, धमकी देता है, विधायी कार्यों में बाधा डालता है, गलत रिपोर्टिंग करता है, सदन का अपमान करता है या अन्य आपत्तिजनक कृत्य करता है।

कुणाल कामरा ने मार्च 2025 में मुंबई के खार इलाके स्थित यूनिकॉन्टिनेंटल होटल के हैबिटेट कॉमेडी क्लब में अपने शो के दौरान साल 2022 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को तोड़ने के लिए महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे को ‘गद्दार’ कहा था। एकनाथ शिंदे की बगावत और शिवसेना टूटने की घटना पर एक लोकप्रिय हिंदी गीत की पैरोडी भी बनाई थी। तब शिवसेना नेता राहुल कनाल समेत 11 लोगों ने हैबिटेट कॉमेडी क्लब में तोड़फोड़ की थी।

भाजपा विधायक प्रवीण दरेकर ने मार्च में बजट सत्र के दौरान विधान परिषद में कुणाल कामरा और शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता सुषमा अंधारे के खिलाफ नोटिस पेश किया था। अब विशेषाधिकार समिति इस मसले की जांच करेगी और तय करेगी कि क्या कुणाल कामरा की टिप्पणी विधान परिषद और उसके सदस्यों के विशेषाधिकार का उल्लंघन है? और यदि हां, तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा सकती है? समिति की रिपोर्ट के बाद पूरे सदन में चर्चा होगी और अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

विधानमंडल सचिव जितेंद्र भोले ने कहा- विधान परिषद के अध्यक्ष राम शिंदे ने भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड की अध्यक्षता वाली विशेषाधिकार समिति को नोटिस भेज दिया है। यदि समिति कामरा को दोषी पाती है, तो उन्हें माफी मांगने, फटकार खाने या यहां तक कि जेल जाने का फरमान भी सुनाया जा सकता है।

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