विक्रम भट्ट
हिंदी फिल्मों के निर्माता-निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को राजस्थान की उदयपुर पुलिस ने रविवार को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया। उन पर उदयपुर के एक व्यापारी और इंडियन इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया से 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। राजस्थान पुलिस अब बांद्रा कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड की मांग करेगी ताकि वो उन्हें आगे की पूछताछ के लिए उदयपुर ले जा सकें। यह गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस और मुंबई पुलिस ने मिलकर विक्रम भट्ट की साली के यारी रोड स्थित गंगा भवन अपार्टमेंट से की।
IVF इंदिरा हॉस्पिटल के फाउंडर डॉ. अजय मुर्डिया ने 8 नवंबर 2025 को उदयपुर के भुपालपुरा पुलिस स्टेशन में BNS-2023 की धारा- 318(4), 316(2), 336(3), 340(2), तथा 61(2) के तहत विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट समेत कुल 8 लोगों के खिलाफ FIR (नंबर-0213/2025) दर्ज कराई थी। FIR की कॉपी ABI (abinewz.com) के पास है।
घटनाक्रम के अनुसार एक इवेंट के दौरान डॉ. अजय मुर्डिया की मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई, जिसने डॉ. अजय मुर्डिया की पत्नी की बायोपिक फिल्म बनाने का प्रस्ताव रखा। दिनेश कटारिया ने दावा किया गया कि बायोपिक के जरिए पूरे देश को उनकी पत्नी के योगदान के बारे में बताया जाएगा। दिनेश कटारिया ने बताया कि विक्रम भट्ट उसके ख़ास दोस्त हैं। दिनेश कटारिया ने डॉ. अजय मुर्डिया की विक्रम भट्ट से 24 अप्रैल 2024 को मुंबई के वृन्दावन स्टूडियो में मुलाकात भी करवा दी। विक्रम भट्ट ने खुद और पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट के नाम VSP LLP नाम की कंपनी भी रजिस्टर्ड करवा दी। विक्रम भट्ट ने वादा किया था इस प्रोजेक्ट से डॉ. अजय मुर्डिया को 200 करोड़ रुपये का मुनाफा होगा।
विक्रम भट्ट बायोपिक और फिल्म बनाने के बहाने डॉ. अजय मुर्डिया से रुपये लेते रहे और एक समय पर धोखा दे दिया। 30 करोड़ रुपये हड़प लिए।
उदयपुर पुलिस ने 29 नवंबर को विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट सहित कुल 6 आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। सभी को 8 दिसंबर तक उदयपुर पुलिस के सामने पेश होने का नोटिस भी भेजा गया। साथ ही इस लीगल नोटिस में सभी को देश के बाहर जाने से भी मना किया गया।
