कॉफी के इस ब्रांड से भी हो सकता है कैंसर, अमेरिका में 10 राज्यों के बाजारों से हटा दिया गया सारा माल

 

अमेरिका में एक कॉफी प्रोडक्ट को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। बिना जानकारी के कैफीन पाए जाने के कारण इस कॉफी को रिकॉल किया गया है और फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी एफडीए ने इसे दूसरा सबसे गंभीर जोखिम स्तर यानी क्लास II में रखा है। न्यूयॉर्क स्थित कंपनी गिम्मी कॉफी ने 24 अक्टूबर को अपने कुछ Gimme! Decaf de Agua Coffee Pods को अपनी मर्जी से बाजार से वापस बुलाने की घोषणा की थी। इसके बाद 11 दिसंबर को एफडीए ने इस रिकॉल को क्लास II जोखिम कैटेगरी में शामिल किया। इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए कई अमेरिकी मीडिया ने कंपनी से संपर्क किया, लेकिन सामान्य कार्य समय के बाहर होने के कारण कोई जवाब नहीं मिल पाया.

FDA के अनुसार, क्लास II रिकॉल उस स्थिति को दर्शाता है, जिसमें किसी प्रोडक्ट के इस्तेमाल से अस्थायी या इलाज से ठीक हो सकने वाले स्वास्थ्य नुकसान हो सकते हैं। हालांकि, गंभीर नुकसान की संभावना कम मानी जाती है। एफडीए का कहना है कि सीमित मात्रा में कैफीन ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित हो सकता है, लेकिन ज्यादा सेवन से दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट, नींद न आना, डिहाइड्रेशन, पाचन संबंधी दिक्कतें और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक कैफीन का सेवन बच्चे के विकास में रुकावट, कम वजन, समय से पहले जन्म या मृत जन्म का कारण भी बन सकता है।

रिकॉल किए गए प्रोडक्ट का जानकारी इस प्रकार है Gimme! Decaf de Agua Coffee Pods कुल 252 बॉक्स यूपीसी कोड 051497457990. एफडीए के अनुसार, ये प्रोडक्ट्स अमेरिका के फ्लोरिडा, आयोवा, मैसाचुसेट्स, मैरीलैंड, मिसौरी, नॉर्थ कैरोलिना, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, ओहायो और विस्कॉन्सिन के रिटेल स्टोर्स में बेचे गए थे। एफडीए ने बताया कि प्रोडक्ट की बाहरी पैकेजिंग पर इसे डिकैफ बताया गया था, जबकि अंदर मौजूद पॉड्स पर Gimme! Deep Disco Coffee Pods लिखा था, जो कैफीन युक्त होते हैं। 11 दिसंबर तक, इन कॉफी पॉड्स के इस्तेमाल से किसी भी तरह की बीमारी की सूचना एफडीए को नहीं मिली है।

एफडीए ने अपनी वेबसाइट पर लिखा कि अधिकांश एडल्ट के लिए रोजाना करीब 400 मिलीग्राम कैफीन लगभग दो से तीन कप कॉफी को आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, हर व्यक्ति की कैफीन के प्रति संवेदनशीलता अलग होती है और कुछ बीमारियों या दवाओं के कारण इसका असर ज्यादा हो सकता है। एफडीए ने यह भी साफ किया कि कानून के तहत यह जिम्मेदारी फूड कंपनियों की है कि उनके उत्पादों में मौजूद कैफीन सुरक्षित मात्रा में हो और उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदेह न हो। एफडीए के मुताबिक, यह रिकॉल अभी भी जारी है। जिन उपभोक्ताओं ने ये कॉफी पॉड्स खरीदे हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे इनका इस्तेमाल न करें।

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