पंजाब के पटियाला के अर्बन स्टेट इलाके में रहने वाले पूर्व IPS अधिकारी अमर सिंह चहल ने सोमवार को सुरक्षाकर्मी की रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। गोली छाती के पास लगी जिससे उनका लीवर डैमेज हुआ। नाज़ुक हालत में उन्हें पार्क अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोली मारने से पूर्व अमर सिंह ने 12 पेज का सुसाइड नोट लिखा है जिसमें उन्होंने अपने साथ हुई 8 करोड़ 10 लाख रुपए ऑनलाइन ठगी का ज़िक्र किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव को लिखे पत्र में अमर सिंह चहल ने बताया कि वे डीबीएस वेल्थ इक्विटी रिसर्च ग्रुप के चक्कर में फंस गए। ठग ने खुद को वेल्थ इक्विटी एडवाइजर बताकर कैसे उनके साथ ठगी की। वे वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए वेल्थ मैनेजमेंट सिखाने के बहाने फंसे। एक शख्स उनको खुद को DBS का CEO डॉ. रजत वर्मा बताकर रोजाना शेयर बाजार, IPO और ट्रेडिंग से जुड़े टिप्स देने लगा।
1-उसकी प्रोफाइल में CEO की फोटो लगी थी इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होता गया।
2-ग्रुप में सवाल पूछने की छूट थी और जवाब तुरंत मिलते थे।
3-कुछ समय बाद निवेशकों को एक ऑनलाइन डेशबोर्ड दिखाया गया।
4-इसमें चार तरह की स्कीम बताई गईं। डेली ट्रेड स्टॉक्स, ओटीसी ट्रेड, IPO, क्वांटिटेटिव फंड्स के बारे में जानकारी दी जाती गई।
5-हर स्कीम में पिछले से ज्यादा रिटर्न दिखाया जाता था।
6-ग्रुप ने दावा किया कि DBS ग्रुप को IPO में डिस्काउंटेड रेट पर शेयर मिलते हैं।
7-OTC ट्रेड में 30-40% और क्वांटिटेटिव फंड्स में 50% से ज्यादा रिटर्न दिखाया गया।
अमर सिंह चहल ने 3 बैंक खातों से 8 करोड़ से ज्यादा की रकम ट्रांसफर की। ये खाते HDFC, AXIS और ICICI बैंक में थे। इसमें से 7 करोड़ रुपये उन्होंने उधार लिए थे।
पुलिस अधीक्षक पलविंदर सिंह चीमा के मुताबिक अमर सिंह चहल के बच्चे वर्क फ्रॉम होम करते हैं। घटना के समय वह घर पर बनाए गए अपने दफ्तर में काम कर रहे थे।
