उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में लव जिहाद और धर्मांतरण मामले की जांच में सामने आया कि आरोपी रेजीडेंट डॉ. रमीज मलिक के टार्गेट पर 17 और हिंदू लड़कियां थीं। साथ ही डॉ. रमीज मलिक का छांगुर से भी कनेक्शन निकला है। डॉ. रमीज मलिक के माता-पिता को सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिन्होंने रमीज़ मलिक के धर्मांतरण गिरोह के सरगना छांगुर से कनेक्शन की बात कबूली है।
KGMU की एक हिन्दू महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने कुछ दिन पहले डॉ. रमीज मलिक पर यौन शोषण और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया था। पीड़िता का कहना था बीते अगस्त में रमीज मलिक उनके किराये के कमरे पर पहुंचा और शादी का हवाला देते हुए उनका यौन शोषण किया। पीड़िता का आरोप है कि सितंबर में उन्हें पता चला कि वह गर्भवती हैं। उन्होंने इस बारे में जब रमीज मलिक से बात की तो उसने दवा देकर उनका गर्भपात करा दिया। बाद में पता चला कि रमीज मलिक पहले से शादीशुदा है। इसके बाद रमीज मलिक ने उन पर भी धर्म परिवर्तन करने का दबाव डाला और ब्लैकमेल किया। परेशान होकर पीड़िता ने 17 दिसंबर की सुबह दवाएं खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था।
महिला आयोग की पहल पर डॉ. रमीज़ मलिक के खिलाफ FIR दर्ज हुई। गैर जमानती वारंट जारी किया गया। आरोपी अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें तैनात की गई हैं। डॉ. रमीज़ मलिक पर 25 हजार का इनाम और बढ़ा दिया गया है। अब उस पर 50 हजार का इनाम घोषित हो गया है। यह भी बताते हैं कि डॉ. रमीज मलिक को फरवरी में हिन्दू लड़की से शादी करने पर 15 लाख रुपए मिले थे। KGMU में यह भी चर्चा है कि मेडिकोज का धर्मांतरण का रेट 15 लाख रुपए है और नॉन मेडिकोज का रेट 5 लाख रुपए है। रमीज़ मलिक का कॉल रिकॉर्ड जब ट्रेस कराया गया तो सामने आया कि रमीज़ मलिक ने 17 और हिंदू लड़कियों को टार्गेट पर रखा था।
DCP (पश्चिम) विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि रमीज मलिक उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के खटीमा का रहनेवाला है। उसके पिता सलीमुद्दीन, मां खदीजा, पीलीभीत निवासी निकाह करने वाले काजी सैयद जाहिद हसन और गवाह शारिक खान का नाम भी सामने आया। सोमवार को चौक पुलिस ने सलीमुद्दीन और खदीजा को ठाकुरगंज स्थित मुम्ताज कोर्ट अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 303 से गिरफ्तार कर लिया। सलीमुद्दीन व उनका परिवार मूल रूप से पीलीभीत के न्योरिया का निवासी है और वह पेशे से MR है।
रमीज मलिक के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि रमीज़ मलिक धर्मांतरण गिरोह के सरगना बलरामपुर निवासी छांगुर से प्रभावित था। छांगुर के पकड़े जाने के बाद से रमीज मलिक परेशान था। रमीज मलिक की एक मौलवी के माध्यम से छांगुर से मुलाकात हुई थी। बताया जा रहा है कि उस मौलवी ने भी पीड़िता पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार रमीज मलिक की पहली पत्नी भी पेशे से डॉक्टर है। दोनों की पहली मुलाकात आगरा में पढ़ाई के दौरान हुई थी। युवती मूल रूप से नोएडा की रहने वाली बताई गई है। रमीज मलिक ने उसे भी प्यार के जाल में फंसाया था। फिर फरवरी 2025 में उनका धर्म परिवर्तन कराकर पीलीभीत ले जाकर निकाह कर लिया था।
भाजपा नेत्री और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने बुधवार को कहा कि डॉ. रमीज़ मलिक को पाताल से भी खोज (ढूंढ) लाएंगे।
