केंद्र सरकार ने 242 अवैध बेटिंग और गैंबलिंग वेबसाइट लिंक किया ब्लॉक

 

केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) ने 242 अवैध बेटिंग और गैंबलिंग वेबसाइट लिंक ब्लॉक कर दिए हैं। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 7,800 से ज्यादा ऐसे अवैध लिंक पर कार्रवाई की जा चुकी है।

सरकारी सूत्रों ने कहा- भारत सरकार ने आज 242 अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों के लिंक ब्लॉक कर दिए। ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम पास होने के बाद से अब तक 7,800 से ज्यादा अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों को बंद किया जा चुका है और प्रवर्तन कार्रवाइयों में शानदार बढ़ोत्तरी हुई है। सरकार की ओर से आज की कार्रवाई यूजर्स खासतौर पर युवाओं की सुरक्षा और अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफार्मों की ओर होने वाले वित्तीय और सामाजिक नुकसान को रोकने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

बता दें कि बीते साल भर में देश की जांच एजेंसियों जैसे की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऑनलाइन बेटिंग एप्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पिछले साल ही प्रवर्तन निदेशालय ने इंदौर में डब्बा ट्रेडिंग केस में 34 करोड़ की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी तौर पर अटैच (Indore Dabba Trading Case) की थी। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई थी। जिन लोगों की संपत्तियां अटैच की गई हैं उनमें विशाल अग्निहोत्री, तरुण श्रीवास्तव, हितेश अग्रवाल, धर्मेश त्रिवेदी, श्रीनिवासन रामासामी, करण सोलंकी, धवल जैन और उनके परिवार के सदस्य शामिल थे। यह मामला डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने साल 2022 से 1,400 से अधिक इलिगल बेटिंग और गैंबलिंग वेबसाइट समेतच ऐप्स को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है। संसद की ओर से भी ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को पास कर दिया गया है। सरकार बिल पास होने के बाद से ही तेजी से इलिगल साइट्स पर नजर बनाए हुए है और इनपर एक्शन लिया जा रहा है।

पिछले साल प्रवर्तन निदेशालय (ED) मुंबई की टीम ने गैरकानूनी ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म Parimatch पर बड़ा एक्शन लिया था। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मुंबई, दिल्ली, नोएडा, जयपुर, सूरत, मदुरै, कानपुर और हैदराबाद में 17 जगहों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में लगभग 110 करोड़ रुपये की रकम, जो अलग-अलग लोगों या कंपनियों के बैंक खातों में थी और जिन्हें ‘म्यूल अकाउंट’ (दूसरों के पैसे रखने और घुमाने के लिए बनाए गए खाते) के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था, फ्रीज कर दी गई। साथ ही कई दूसरे जरूरी दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं।

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