दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में एक बार फिर भड़काऊ नारे सुनाए दिए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC के नए नियमों पर रोक लगाए जाने से तिलमिलाए वामपंथी छात्र संगठनों ने कैंपस में प्रदर्शन किया। इस दौरान ढपली की ताल पर ‘ब्राह्मणवाद’ और ‘BJP-RSS’ के खिलाफ नारे गूँजे। छात्रों ने ब्राह्मणवाद का पुतला जलाया।
दरअसल, JNU में यह नारेबाजी सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ हुई, जिसमें कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को UGC के नए नियमों पर ‘सवर्ण’ समाज के विरोध के बाद रोक लगाने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ कहा कि यह अंतरिम रोक है, ताकि संघीय ढाँचे और राज्यों के अधिकारों से जुड़े सवालों पर विस्तार से विचार किया जा सके। सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला लिया है कि यूजीसी (UGC) के नए नियम फिलहाल लागू नहीं किए जाएंगे और साल 2012 वाले नियम ही जारी रहेंगे।
कैंपस के साबरमती ढाबे पर आयोजित इस प्रदर्शन में ‘ब्राह्मण मुर्दाबाद’, ‘रोहित के हत्यारों को एक धक्का और दो’ और ‘मनुवाद जलेगा’ जैसे नारे लगे। इतना ही नहीं प्रदर्शन के दौरान ‘ब्राह्मणवाद’ का पुतला भी जलाया गया। कैंपस से सामने आए वीडियो में छात्र ‘RSS मुर्दाबाद’ और ‘BJP बर्बाद’ के नारे भी लगाते दिखाई दे रहे हैं। छात्रों ने नारे लगाए – ‘सामंती ब्राह्मणवादी दबाव के आगे झुकने से इन्कार करो। BJP सरकार की सच्चाई को उजागर करो।” बैनरों पर ‘ब्राह्मण मुर्दाबाद’ भी लिखा गया।
इस प्रदर्शन में ABVP या किसी और छात्र संगठन की तरफ से विरोध दर्ज नहीं किया गया। तीन घंटे से ज्यादा देर तक चले इस विरोध प्रदर्शन में कई छात्रों ने भाषण भी दिया।
छात्रों ने भाषण में कहा कि इसी तरह ब्राह्मणों और ब्राह्मणवादी विचारधारों ने मंडल कमीशन एक्ट का भी विरोध किया था। इस तरह विरोध SC-ST एक्ट का भी विरोध किया गया था, लेकिन हमें किसी दबाव में नहीं आना है। इस एक्ट को और मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर देना है। छात्रों ने UGC के नए नियम में कमेटी को स्वतंत्रता देने की बात कही है।
