नवी मुंबई ACB ने CIDCO अधिकारी प्रताप पाटिल को पकड़कर छोड़ा, फिर से पकड़ने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट पिटीशन

प्रताप पाटिल

नवी मुंबई के वाशी में रहनेवाले मसूद हाफिज अहमद खान ने CIDCO अधिकारी प्रताप पाटिल को ‘गिरफ्तार’ करने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट पिटीशन फाइल की है। आरोप है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की नवी मुंबई इकाई ने प्रताप पाटिल को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार कर लिया था परन्तु ‘अज्ञात’ कारणवश उन्हें ‘छोड़’ दिया।

पिटिशनर मसूद खान (54) की HPMQ इंटरनेट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी है। यह कंपनी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड करती है। मसूद खान सेक्टर-9ए, वाशी, नवी मुंबई की जिस नूर को-ऑपरेटिव हॉउसिंग सोसायटी (4 बिल्डिंग, 70 फ्लैट्स) में रहते हैं उसके पुनर्विकास को लेकर दो गुटों में विवाद चल रहा है। मसूद खान इस सोसायटी के सालों से सेक्रेटरी हैं। यह विवाद सहकारी संस्था, सिडको के उप निबंधक प्रताप पाटिल के पास पहुंचा। प्रताप पाटिल ने मसूद खान के फेवर में ऑर्डर देने के बदले 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। प्रताप पाटिल के मातहत कर्मचारियों ने यह रकम बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दी। परेशान मसूद खान ने ACB में इसकी शिकायत कर दी।

ACB ने 11 सितम्बर 2025 को ट्रैप लगाया और रिश्वत लेते प्रताप पाटिल, राहुल कांबले, धनाजी कालुखे, महेश कामोठकर और किशोर मोरे को गिरफ्तार कर लिया। इस बाबत CBD बेलापुर पुलिस स्टेशन में ACB ने 11 सितम्बर 2025 को FIR (नंबर-0356/2025) दर्ज कराई है। FIR की कॉपी ABI (abinewz.com) के पास है।

लेकिन यह क्या ? दूसरे दिन जब आरोपी कोर्ट में पेश किये गए तो उनमें प्रताप पाटिल नहीं थे। यहाँ तक कि FIR में से आरोपी के तौर पर भी प्रताप पाटिल का नाम नहीं था। मसूद खान ने ACB अधिकारियों से इसका कारण पूछा तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। हालांकि FIR में प्रताप पाटिल और दूसरे अधिकारी विजय म्हात्रे की स्पष्ट भूमिका दिखाई गयी है कि आरोपियों ने उनकी स्वीकृति पर ही रिश्वत ली।

ACB के पुलिस अधीक्षक धर्मराज सोनके के पास भी इसका कोई उचित जवाब नहीं है। आश्चर्य की बात है कि रिश्वत की रकम 3.5 लाख रुपये (जो आरोपियों को दी गयी थी) धर्मराज सोनके ने मसूद खान से ही ली थी। धर्मराज सोनके ने वह रकम भी मसूद खान को अभी तक वापस नहीं की है। मांगने पर धर्मराज सोनके बस इतना ही कहते हैं कि- ‘मिल जाएगी।’

ACB अधिकारियों के ऐसे ही व्यवहार से व्यथित मसूद खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट पिटीशन फाइल कर दी। उन्होंने मामले की CBI से भी जांच कराने की भी मांग की है। अगली तारीख 10 फरवरी 2026 है।

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