रोज दो किलो गाली खाता हूं, मोहब्बत की दुकान वाले ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगा रहे- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

 

संसद के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जवाब दिया। उन्होंने कहा कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने के कार्यक्रम करवा रही है। मोहब्बत की दुकान खोलने वाले मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे लगा रहे हैं। ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है, जो देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करती है। क्या ये संविधान का अपमान नहीं है। इसके बाद भी वे बयान देंगे, देखो प्रधानमंत्री राज्यसभा में भी रो रहा था। 2002 से 2014 से, पिछले 25 साल से संसद का एक भी सत्र ऐसा नहीं गया, जिसमें मोदी को इस संसद में गाली देने का काम न किया हो इन लोगों ने. मुझसे किसी ने पूछा था स्वास्थ्य का राज, मैंने कहा था कि डेली दो किलो गाली खाता हूं। मोदी की कब्र ये क्यों खोदना चाहते हैं, ये नारा नहीं, इनके भीतर नफरत का प्रतिबिंब है। हमने 370 की दीवार गिरा दी, नॉर्थ ईस्ट में बम बारूद की छाया समाप्त कर विकास की राह अपनाई, पाकिस्तानी आतंकियों को घर में घुसकर जवाब देते हैं, ऑपरेशन सिंदूर करते हैं, माओवादी आतंक से देश को मुक्ति दिलाने के लिए साहसपूर्ण कदम उठाते हैं, इसलिए मोदी की कब्र खोदनी है इनको। नेहरू जी ने बहुत बड़ा अन्याय किया था देश के साथ, उसे हमने निलंबित कर दिया, क्या इसलिए कब्र खोदने की बात कर रहे हो।

प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, मेरी एक प्रार्थना है। आदरणीय खरगे जी की उम्र को देखते हुए, अगर वे बैठकर भी नारे लगाना चाहें तो लगा सकते हैं। पीछे कई सारे युवा नेता हैं। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति के अभिभाषण में देश के मध्यम वर्ग, निम्न-मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, बहुत ही विस्तार से भारत के प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजा है। देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इस पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। राष्ट्रपति ने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति भी भरोसा जताया है। यह हम सबके लिए प्रेरणादायी है।

उन्होंने कहा, देश का हर व्यक्ति यह महसूस कर रहा है कि एक अहम पड़ाव पर हम पहुंच चुके हैं। न हमें रुकना है, न हमें पीछे मुड़कर देखना है। हम आगे ही आगे देखना है और लक्ष्य को प्राप्त करके ही हमें सांस लेनी है। उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, भारत के भाग्य के लिए अनेक संयोग एक साथ हमें नसीब हुए हैं। ये अपने आप में बहुत ही उत्तम संयोग है। सबसे बड़ी बात है कि विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। वहां की आबादी उम्र के उस पड़ाव पर पहुंची है, जिन्हें हम बुजुर्ग के रूप में जानते हैं। हमारा देश ऐसा है, जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, वैसे ही देश हमारा युवा होता जा रहा है। युवा आबादी वाला देश बनता जा रहा है।  उन्होंने कहा, दूसरी तरफ मैं देख रहा हूं जिस प्रकार विश्व का भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है। विश्व भारत के प्रतिभा (टैलेंट) का अहमियत समझ रहा है। हमारे पास आज दुनिया का बहुत ही अहम टैलेंट पूल है। युवा टैलेंट पूल है, जिसके पास सपने, संकल्प और सामर्थ्य है। यानी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है।

प्रधानमंत्री ने कहा, आज विश्व में जो चुनौतियां पैदा हो रही हैं, भारत उनका समाधान देने, आशा की किरण देने वाला देश बना हुआ है। हम समाधान दे रहे हैं। आज अहम अर्थव्यवस्थाओं में भारत की विकास दर काफी ऊंची है। ऊंची विकास दर और कम महंगाई एक अनोखी उपलब्धि है।

Leave a Comment