पाकिस्तान ने दोस्त देश अजरबैजान को लगाया चूना, बेचा कबाड़ हथियार, उक्रेन और सऊदी अरब भी पछ्ता रहे

 

पाकिस्तान के दोस्त देश अजरबैजान का लंबे समय से पड़ोसी आर्मेनिया के साथ तनाव चल रहा है। ऐसे में वह हथियारों के लिए दोस्त तुर्की और पाकिस्तान की तरफ देखता है। काकाशस इलाके में तनाव पर नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान से भेजे गए हथियारों में कुछ पुराने होने के साफ संकेत दिखाई दिए हैं। इनमें जंग लगना, प्रोपेलेंट लोड में कमी और गलत माप जैसी समस्या भी सामने आई है।

हथियारों पर आई नई रिपोर्टों ने पाकिस्तान से निर्यात किए गए गोला-बारूद की क्वालिटी पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पाकिस्तान ने अपने दोस्त अजरबैजान को गोला-बारूद और तोप के गोलों का हिस्सों की सप्लाई की है। इसका बड़ा हिस्सा दशकों पुराने स्टॉक से लिया मालूम पड़ता है।

पाकिस्तान ने तोप के गोलों की जो सप्लाई की है, वहां स्थिति और खराब है। युद्ध के मैदान से मिले फीडबैक से पता चलता है कि तोप के गोलों का प्रदर्शन बहुत खराब रहा है। पाकिस्तान ने तोप के गोलों की जो रेंज बताई है, वे जंग के मैदान में उसका सिर्फ 40-60% ही हासिल कर पा रहे हैं।

अजरबैजान का मामला इकलौता नहीं है, जहां पाकिस्तानी हथियारों की पोल खुली है। इसके पहले यूक्रेन भी पाकिस्तानी हथियार खरीदकर भुगत चुका है। रूस के हमले के शुरुआती समय में यूक्रेनी सेना ने M777 हॉवित्जर तोप के लिए पाकिस्तान में बने 155mm के गोले खरीदे थे। इन गोलों के समय से पहले विस्फोट होने की शिकायतें सामने आईं, जिससे तोपें खराब हो गईं।

पाकिस्तान के पुराने दोस्त भी अब इन कमियों को जान चुके हैं और अब मुंह फेर रहे हैं। सऊदी अरब कभी पाकिस्तान के गोला-बारूद और तोप के गोलों पर बहुत निर्भर था। अब उसने अपनी खरीद बदल ली है और भारत की ओर रुख किया है। रियाद ने हाल के वर्षों में भारत 5.56mm, 7.62mm राउंड और 155mm के गोले खरीदे हैं। भारतीय गोलों ने टेस्टिंग में लगातार प्रदर्शन किया है।

ये रिपोर्ट पाकिस्तान से नए हथियार लेने की तैयारी कर रहे देशों की चिंता बढ़ाने वाली है।

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