तमिलनाडु में 74 लाख से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए

 

भारत सरकार के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग ने तमिलनाडु में 74 लाख से ज़्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए हैं। तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अर्चना पटनायक ने सोमवार को राज्य में चुनाव आयोग के SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम वोटर लिस्ट जारी कर दी है।

बताते हैं तमिलनाडु में SIR की प्रक्रिया शुरू होने से पहले 27 अक्टूबर 2025 को मतदाताओं की संख्या 6.41 करोड़ थी। वहीं, अब 23 फरवरी 2026 को सामने आई SIR की अंतिम वोटर लिस्ट के मुताबिक तमिलनाडु में वोटर्स की संख्या घटकर 5.67 करोड़ हो गई है। ऐसे में राज्य में 74 लाख से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटने के संकेत मिल रहे हैं। जिन मतदाताओं को अंतिम वोटर लिस्ट पर आपत्ति है वे नाम जोड़ने या हटाने के लिए अंतिम सूची जारी होने के बाद अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। चुनाव आयोग द्वारा अंतिम रोल को राजनीतिक दलों के साथ भी साझा किया जाएगा।

चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हटाए गए नामों में एक महत्वपूर्ण हिस्सा मृत मतदाताओं का है। कई वजहों से नाम हटाए गए पात्र मतदाता फॉर्म-6 के जरिए फिर से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा 12,43,363 लोगों को नोटिस जारी किए गए। जिनके नाम में गलतियां थीं उनको भी वोटिंग लिस्ट में अपना नाम बनाए रखने के लिए निर्धारित समय के भीतर डॉक्यूमेंट और सेल्फ डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट जमा करने का निर्देश दिया गया।

चुनाव आयोग के अनुसार चेंगलपट्टू जिले की शोलिंगनल्लूर (Shozhinganallur) विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 5.36 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं, हार्बर (Harbour) विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 1.16 लाख वोटर्स हैं। आपको बता दें कि इस साल गर्मियों में तमिलनाडु के साथ-साथ केरल, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम में भी विधानसभा चुनाव होने हैं।

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