मुंबई के उपनगर मालाड (पश्चिम) में फलों में चूहा मारने की दवा लगाते दो फल विक्रेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से पुलिस ने ‘रैटोल’ नामक ज़हर भी बरामद किया है।
यह घटना बुधवार, 25 फरवरी 2026 की है। मालाड के ही एक जागरूक नागरिक कुणाल सालुंखे ने फलों में ‘रैटोल’ लगाते दो फल विक्रेताओं की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। वीडियो रिकॉर्डिंग मालाड पुलिस को देते हुए शिकायत कर दी। जिसके आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के नाम मनोज संगमलाल केसरवानी (42) और राहुल सदनलाल केसरवानी (25) हैं। दोनों मालाड (पश्चिम) के राजनपाड़ा के रहनेवाले हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ BNS-2023 की धारा 125 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 274 (खाद्य पदार्थ में मिलावट), 275 (बिक्री के लिए जहरीला पदार्थ बेचना) और 286 (लापरवाही से खतरा पैदा करना) के तहत FIR दर्ज की है।
पुलिस ने फल विक्रेताओं के सड़क किनारे लगे ठेले से ‘रैटोल’ नामक ट्यूब बरामद किया है, जो चूहों को मारने के लिए बाजार में उपलब्ध एक उत्पाद है और जिसमें पीला फॉस्फोरस जैसे जहरीले रसायन होते हैं। इसके सेवन से उल्टी, पेट दर्द, अंगों को नुकसान और जानलेवा भी हो सकता है। पुलिस ने ठेले को भी सील कर दिया है। दोनों को अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी, बोरिवली अदालत अदालत में पेश किया गया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रात में चूहों से अपने फलों को बचाने के लिए इस पदार्थ का उपयोग करते थे।
फलों पर ‘रैटोल’ क्रीम लगाते का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। निवासियों ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों, जैसे फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को भी इसकी सूचना दे दी है।
