सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे
मुंबई में मध्य रेलवे पर कल्याण से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) तक सभी लोकल ट्रेनों को 15 डिब्बों का करने, प्लेटफॉर्म का चौड़ीकरण, दिवा–CSMT फास्ट लोकल शुरू करने, कोपर–वसई रेलवे की फेरियां बढ़ाने, कलवा–ऐरोली एलिवेटेड परियोजना को गति देने और हर स्टेशन पर मराठी साहित्य के बिक्री स्टॉल शुरू करने जैसी कई रेलवे संबंधी मांगों का ज्ञापन मंगलवार को शिवसेना संसदीय दल के नेता सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में प्रस्तुत किया। सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने कहा कि कल्याण लोकसभा क्षेत्र के 80 प्रतिशत यात्री लोकल ट्रेन का उपयोग करते हैं। इसलिए कल्याण मार्ग पर सभी लोकल ट्रेनों को 15 डिब्बों का करना आवश्यक है। साथ ही, कोंकण मार्ग पर मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और वरिष्ठ नागरिकों व पत्रकारों की सुविधाएं फिर से शुरू करने की मांग भी उन्होंने की।
सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने कहा कि कल्याण लोकसभा क्षेत्र में वर्तमान में 5 से 6 हजार करोड़ रुपये के रेलवे कार्य चल रहे हैं। पांचवीं और छठीं रेलवे लाइन के लिए यहां के यात्री पिछले 15 से 20 वर्षों से इंतजार कर रहे थे। वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा-नीत एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कल्याण क्षेत्र में रेलवे कार्यों को गति मिली। आज ठाणे से कल्याण तक पांचवीं और छठीं लाइन का काम पूरा हो चुका है। वहीं, कल्याण से अंबरनाथ तक तीसरी और चौथी लाइन का काम जारी है। हालांकि, ठाणे से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक पांचवीं और छठीं लाइन का लंबित कार्य जल्द से जल्द पूरा करने की मांग भी डॉ. श्रीकांत शिंदे ने की। इसके लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण, रेलवे मार्ग पर झोपड़ियों का मुद्दा और नागरिकों के पुनर्वास पर रेलवे मंत्री को ध्यान देकर समस्या का समाधान करना चाहिए। इस विषय पर राज्य सरकार और SRA के साथ चर्चा कर नीति बनाने का सुझाव भी उन्होंने दिया।
महाराष्ट्र में इस समय रेलवे के लगभग 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। वर्ष 2026-27 के लिए महाराष्ट्र में रेलवे परियोजनाओं हेतु 23 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। कल्याण यार्ड रीमॉडलिंग के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही, बुलेट ट्रेन और दिल्ली–मुंबई रेलवे कॉरिडोर को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग भी उन्होंने की। मुंबई–पुणे हाईस्पीड कॉरिडोर और पुणे–हैदराबाद हाईस्पीड कॉरिडोर से यात्रियों को लाभ होगा और समय की बड़ी बचत होगी।
