सांकेतिक तस्वीर उत्तर प्रदेश के बदायूं ज़िले के उझानी कोतवाली क्षेत्र के पिपरौल गांव में तेरहवीं के भोज में रायता खाने के बाद क़रीब 200 लोगों को एंटी-रेबीज़ का टीका लगवाना पड़ा। दरअसल, उन्हें बाद में पता चला कि रायता बनाने के लिए जिन भैंसों के दूध का इस्तेमाल किया गया था, उनमें से एक भैंस की कुत्ता काटने से मौत हो गई थी और उसमें रेबीज़ के लक्षण दिखाई दिए थे। घटना के मुताबिक़, 23 दिसंबर 2025 को गांव में एक व्यक्ति की तेरहवीं के मौक़े पर भोज का…
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