‘शराबी’ को मुआवजा देने से बॉम्बे हाई कोर्ट का इन्कार

  अमेरिकी उपन्यासकार एफ. स्काट फिट्जगेराल्ड का प्रसिद्ध कथन- “पहले आप शराब पीते हैं, फिर शराब आपको पीने लगती है और अंत में ये आपको पूरी तरह अपने कब्जे में ले लेती है- को उद्घृत करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक शराबी को मुआवजा देने से इन्कार कर दिया। जस्टिस जितेंद्र जैन की एकल पीठ ने बुधवार, 11 फरवरी 2026 को पारित आदेश में 2014 के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने मुआवजा देने से इन्कार कर दिया था। आवेदक बॉम्बे हॉस्पिटल में लैब असिस्टेंट के…

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