जस्टिस एस. एम. मोदक बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एस.एम. मोदक ने एक अहम फैसला देते हुए कहा कि पत्नी के रंग-रूप, खाना बनाने को लेकर ताना मारना और दूसरी शादी की धमकी देना क्रूरता नहीं है। कानून के तहत इसे आपराधिक उत्पीड़न नहीं माना जाएगा। यह वैवाहिक जीवन का हिस्सा है। ऐसी बातों को केवल वैवाहिक जीवन के उत्पन्न झगड़े के रूप में देखा जा सकता है। मामला 31 जनवरी 1998 का है। सातारा के रहनेवाले सदाशिव रूपनवर की 22 वर्षीय पत्नी प्रेमा अचानक अपने ससुराल से गायब हो गई…
Read More