बॉम्बे हाई कोर्ट ने माना कि मुंबई की लोकल ट्रेनों में पीक ऑवर के दौरान दरवाजे के पास या पायदान पर खड़े होकर यात्रा करना यात्री की लापरवाही नहीं मानी जा सकती। यह मजबूरी है। कोर्ट ने कहा कि भयंकर भीड़ की वजह से यात्रियों के पास अपनी जान जोखिम में डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। 28 अक्टूबर 2005 को एक शख्स भायंदर से मरीन लाइंस की ओर यात्रा करते समय ट्रेन से गिर गया था और बाद में उसकी मृत्यु हो गई थी। रेलवे ने पीड़ित…
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