टेक्नो म्युजिक कॉन्सर्ट के सिलसिले में वनराई पुलिस ने बुधवार को रायगढ़ के पोलादपुर से 933 एक्स्टेसी गोलियां (कुल 434 ग्राम) बरामद कीं, जिनकी कीमत 15.39 लाख रुपये बताई जा रही है। मुख्य आरोपी आयुष साहित्य ने पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की आशंका होने पर इन गोलियों को वहां फेंक दिया था। वहीं, मामले का मुख्य सप्लायर केस सामने आने के बाद बैंकॉक फरार हो गया।
गुरुवार को पांच आरोपियों को बोरीवली के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने आनंद पटेल, विनीत गेरेलानी, शुभ अग्रवाल और आयुष साहित्य को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि जिया जैकब को 27 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में रखा गया है।
11 अप्रैल को गोरेगांव पूर्व स्थित नेस्को एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित ‘999999999’ टेक्नो म्युजिक कॉन्सर्ट के दौरान कथित रूप से एक्स्टेसी की ओवरडोज से दो एमबीए छात्रों की मौत हो गई थी। अब तक इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच के दौरान आयुष साहित्य ने पुलिस को बताया कि वह गोवा की ओर जाते समय पोलादपुर में गोलियां फेंककर आया था। उसके बयान के आधार पर पुलिस उसे मौके पर ले गई, जहां से गोलियां बरामद कर जब्त की गईं। बरामद खेप में 116 बैंगनी, 55 हरी, 303 चॉकलेट रंग की और 459 गुलाबी गोलियां शामिल थीं। जोन 12 के पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे ने बताया कि आयुष साहित्य ने पुलिस नाकाबंदी से घबराकर गोलियां फेंक दी थीं।
अन्य आरोपी मार्क उर्फ महेश खेमलानी ने आनंद पटेल, विनीत गेरेलानी, शुभ अग्रवाल और आयुष साहित्य को स्कैनर के जरिए जिया जैकब के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे। 33 वर्षीय जिया जैकब, जो मीरा रोड की एक कलाकार है, को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार यह रकम ड्रग्स की बिक्री से प्राप्त हुई थी—आनंद पटेल ने 64,000 रुपये, विनीत गेरेलानी ने 22,500 रुपये, शुभ अग्रवाल ने 1,66,400 रुपये और आयुष साहित्य ने 1,84,600 रुपये ट्रांसफर किए। जांच में यह भी सामने आया कि जिया जैकब और आयुष साहित्य पहले से एक-दूसरे को जानते थे।
पुलिस के अनुसार आयुष साहित्य के खिलाफ उल्हासनगर में पहले से एनडीपीएस का मामला दर्ज है और वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। उल्हासनगर और कल्याण में उसके नेटवर्क के ड्रग्स से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
आरोपियों की ओर से अधिवक्ता सुरेंद्र लांडगे और आजाद गुप्ता (आनंद पटेल और विनीत गेरेलानी के लिए) तथा अधिवक्ता रंजिता जैन (आयुष साहित्य के लिए) ने पैरवी की। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस मामले का लगभग 6 करोड़ रुपये की 5,000 एमडीएमए गोलियों वाले टिटवाला की अश्विन पॉल केस से कोई संबंध नहीं है।
