500 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड नेटवर्क: 18 गिरफ्तार, दुबई में बैठा गुजरात का मास्टरमाइंड

 

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पायधुनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 ने गोवा की एक लग्जरी विला पर छापा मारकर शुरुआत में 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। अब गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है और सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

गुजरात का रहने वाला रणवीर कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। वह दुबई से साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर चला रहा है। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया है और उसे ट्रेस कर गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

क्राइम ब्रांच ने गोवा में कलंगुट बीच के पास करीब 2,000 वर्ग फुट की एक आलीशान विला पर छापा मारा था। आरोप है कि इसी जगह से आरोपी साइबर फ्रॉड का नेटवर्क चला रहे थे। इस गिरोह ने कथित तौर पर 150 से अधिक म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया। पिछले छह महीनों में इन खातों के जरिए करीब 500 करोड़ रुपये के लेन-देन किए गए। जांच के अनुसार, यह नेटवर्क देशभर में दर्ज कम से कम 83 साइबर फ्रॉड मामलों से भी जुड़ा हुआ है।

पुलिस को यह भी पता चला है कि ठगी से हासिल रकम को कथित तौर पर USDT (टेथर क्रिप्टोकरेंसी) में बदला जाता था, जिससे जांचकर्ताओं के लिए पैसे की अंतिम मंजिल का पता लगाना मुश्किल हो गया।

इस बीच, क्राइम ब्रांच ने संदिग्ध लेन-देन से जुड़े 50 करोड़ से 100 करोड़ रुपये के बीच की रकम वाले बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

अब पुलिस का मुख्य फोकस दुबई से इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क को संचालित करने के आरोपी रणवीर को ट्रेस करने के साथ-साथ इस अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान करने पर है।

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