महाराष्ट्र के अकोला जिले के सिविल लाइन पुलिस स्टेशन में तैनात एक सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (ASI) राजेश जाधव ने एक महिला आरोपी से कहा कि ‘तू स्मार्ट दिखती है, तेरी बेटी भी स्मार्ट होगी, उसको को भेज, बदले में 10,000 रुपये दूंगा। महिला की शिकायत पर अकोला के एसडीपीओ (SDPO) सुदर्शन पाटिल ने ASI राजेश जाधव को निलंबित कर दिया है।
बता दें कि पीड़ित महिला को अकोला साइबर पुलिस ने करीब 80 लाख रुपये की ठगी के मामले में पालघर से गिरफ्तार किया है। स्थानीय अदालत ने उसे 3 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेजा है। इसी दौरान ASI राजेश जाधव (54) ने महिला से कहा, ‘तू स्मार्ट दिखती है, अपनी बेटी को भेज, बदले में 10,000 हजार रुपये दूंगा।’ पीड़ित महिला ने डरने के बजाय यह पूरी घटना वहीं मौजूद एक महिला पुलिसकर्मी को बताई। महिला कर्मचारी ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। पीड़िता की शिकायत पर राजेश जाधव के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ महिला की लज्जा भंग करने सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, निलंबन के बाद से ही आरोपी फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है। महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य डॉ. आशा मिर्गे ने बताया कि आरोपी का रिकॉर्ड पहले भी विवादों से जुड़ा रहा है। करीब एक दशक पहले भी उसके खिलाफ महिलाओं के प्रति अनुचित व्यवहार की शिकायतें सामने आई थीं।
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि मामले में तुरंत FIR दर्ज कर निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए। आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
