बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई उपनगरीय कलेक्टर ने बुधवार को मानखुर्द के अण्णाभाऊ साठे नगर में सरकारी जमीन पर बनीं 1,200 झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया। ये झोपड़ियां 11 एकड़ पर कब्ज़ा करके बनायी गयी थीं। अधिकारियों के अनुसार, इस जमीन पर कई वर्षों से अतिक्रमण था, लेकिन लोकसभा, विधानसभा और नगर निकाय चुनावों के लगातार आयोजन के कारण प्रशासनिक व्यस्तता की वजह से कार्रवाई में देरी हुई।
यह अतिक्रमण हटाओ अभियान कड़ी सुरक्षा के बीच पूरा किया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस के करीब 400 कर्मियों ने भाग लिया, जिनमें राजस्व, पुलिस और नागरिक निकाय के अधिकारी शामिल थे, जैसे अतिरिक्त कलेक्टर (अतिक्रमण/हटाव) पद्माकर रोकड़े, उप कलेक्टर आशा तमखेड़े, उप-विभागीय अधिकारी कल्पना गोडे, सहायक आयुक्त (अतिक्रमण) उज्ज्वल इंगोले तथा BMC और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी शामिल थे।
एक सरकारी अधिकारी के अनुसार प्रशासन 2011 से अवैध निर्माणों की पहचान के लिए सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग कर रहा है। अधिकारी ने कहा, “आधुनिक तकनीक की मदद से भविष्य में ऐसे अतिक्रमणों की पहचान कर उन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।”
मुंबई उपनगर के सह-पालक मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि खाली कराई गई जमीन पर “आदिवासी सृष्टि” और “साइंस पार्क” विकसित किया जाएगा। मंगल प्रभात लोढ़ा ने यह भी आरोप लगाया कि मुंबई और उसके उपनगरों में भूमि माफिया अवैध निर्माणों के जरिए सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “कई मामलों में देखा गया है कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या व्यक्तियों को स्थानीय तत्वों के समर्थन से संरक्षण मिलता है। ऐसे इलाके अक्सर अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और अन्य असामाजिक गतिविधियों के केंद्र बन जाते हैं। मालाड और मालवणी में भी बड़े पैमाने पर ऐसे अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जहां सख्त कार्रवाई जारी है।”
