राजस्थान के अलवर के ESIC मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के ICU में 32 वर्षीय महिला मरीज के साथ नर्सिंग स्टाफ ने बलात्कार कर दिया। महिला को ट्यूब ऑपरेशन के बाद ICU में शिफ्ट किया गया था। नर्सिंग स्टाफ ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया और बलात्कार कर दिया।
पीड़िता के पति ने बताया कि उसकी पत्नी को ट्यूब के ऑपरेशन के लिए 2 मई को सुबह 11 बजे उद्योग नगर स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद 4 जून को ऑपरेशन के बाद उसे अस्पताल के ICU में शिफ्ट किया गया था। इस दौरान वार्ड में तैनात पुरुष नर्सिंग स्टाफ और गार्ड ने रात 11 बजे उसे वेटिंग रूम में भेज दिया। रात डेढ़ से ढाई बजे के बीच गार्ड और आरोपी नर्सिंग स्टाफ ने उसे जगाकर कहा कि उसकी पत्नी बार-बार उसका नाम ले रही है। इस पर उसने वार्ड में अंदर आकर नर्सिंग स्टाफ से पूछा कि ऐसा क्यों हो रहा है, तो उसने कहा कि ऑपरेशन के दौरान जो इंजेक्शन दिया गया था, उसकी वजह से ऐसा हो रहा है। इसके बाद उसने अपनी पत्नी को सुला दिया। फिर उसे वापस बाहर भेज दिया गया। अगले दिन 5 जून की रात को पूरी तरह से होश में आने पर उसकी पत्नी ने उसे बताया कि वार्ड के नर्सिंग स्टाफ ने पहले बेड के चारों तरफ लगे पर्दों को लगाया फिर उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता ने बताया कि घटना के दौरान वह अर्द्धबेहोशी की हालत में थी। इसके कारण उसे रोकना चाह कर भी वह कुछ नहीं कर पा रही थी। उससे हिला भी नहीं जा रहा था।
पीड़िता ने बताया कि 6 जून को डॉक्टर उसको देखने वार्ड में आई तो उसने पूरी घटना के बारे में उनको बताया। इसके बाद उसे नीचे आईसीयू वार्ड में बुलाया गया। वहां तीन अन्य लोग मौजूद थे। जिन्होंने मुझसे घटना के बारे में फिर से जानकारी ली। इसके बाद घटना वाली रात ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ को बुलाया गया। जब उससे पूछा गया तो उसने सबके सामने बलात्कार की घटना कबूल कर ली। पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) सिटी को इसकी सूचना दी। एडीएम के निर्देश पर एमआईए थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
एमआईए थाने के एएसआई महावीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया गया और उसके बयान धारा 164 के तहत दर्ज किए गए। पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
