उत्तर प्रदेश में गाजी मसूद की दरगाह के बाद बाराबंकी जिले में शकील बाबा की मजार पर उर्स मेले पर रोक लगा दी है। करीब 75 सालों से लगने वाले मेला आयोजन पर कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार ने फैसला लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक विकासचंद्र त्रिपाठी के मुताबिक बीते वर्ष दुकानदारों और लोगों के बीच हुई मारपीट हुई थी। कानून व्यवस्था के चलते मेले आयोजन की अनुमति पर रोक लगाई गई है।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सूरजगंज स्थित फूलपुर गांव में हर साल 10 जून से लगने वाला चार दिवसीय वार्षिक उर्स मेला इस बार रद्द कर दिया गया है। सैयद शकील बाबा की दरगाह पर यह मेला पिछले 75 वर्षों से लगातार आयोजित होता आ रहा था। पिछले साल 2024 में मेले के दौरान दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। दुकानदारों और श्रद्धालुओं में तीखा विवाद हुआ, जिसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस वर्ष भी संभावित अशांति की आशंका जताई। मेला मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के अंतर्गत लगता था। हिंसक झड़प में पुलिस वालों पर भी हमला हुआ था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विकासचंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पिछली घटना के आधार पर एक विस्तृत प्रतिकूल रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर, उप-जिलाधिकारी विवेकशील ने आयोजन समिति को औपचारिक रूप से अनुमति देने से इनकार कर दिया।
बाराबंकी के सतरिख में सैयद सालार साहू गाजी की दरगाह, बहराइच और संभल में होने वाले उर्स पर भी हाल के वर्षों में सार्वजनिक सुरक्षा कारणों से रोक लगाई जा चुकी है। अब सैयद शकील बाबा मेले का रद्द होना इस कड़ी का ताजा उदाहरण है।
